Italy Scuola secondaria di primo grado – classe 3ª Technology
अध्याय: 3
1. Seeing, observing, experimenting
Observation and technical drawing
- तकनीकी ड्राइंग: डिज़ाइन के विचार बताना – तकनीकी ड्राइंग एक साझा चित्र-भाषा है जो किसी वस्तु का सही आकार और माप दिखाती है। डिज़ाइनर हाथ से स्केच से शुरू करते हैं, फिर आइसोमेट्रिक या तिर्यक (ऑब्लीक) दृश्य से वस्तु को 3D में दिखाते हैं, और ऑर्थोग्राफ़िक प्रक्षेप (सामने, ऊपर, बगल के दृश्य) में मानक रेखाएँ, मिलीमीटर में माप और स्केल लगाते हैं ताकि कोई भी उसे बना सके। आज ज़्यादातर ड्राइंग CAD सॉफ़्टवेयर से बनती हैं।
2. Predicting, imagining, designing
Planning and design
- डिज़ाइन प्रक्रिया: समस्या से उत्पाद तक – डिज़ाइन प्रक्रिया कदमों का एक चक्र है जिससे डिज़ाइनर असली लोगों की असली समस्या हल करते हैं: ज़रूरत की खोजबीन, उसे ब्रीफ़ और नापने लायक विनिर्देश में लिखना, कई विचार बनाना, प्रोटोटाइप बनाना, और विनिर्देश पर परीक्षण व मूल्यांकन। जो फ़ेल हो, वह आपको चक्र में वापस भेजता है। इस दोहराव को पुनरावृत्ति (iteration) कहते हैं, और लगभग हर उत्पाद, ऐप, इमारत और कलाकृति ऐसे ही बेहतर बनती है।
3. Intervening, transforming, producing
Making and repairing
- बनाना और मरम्मत करना – मरम्मत का तरीक़ा: देखो कि क्या गड़बड़ है, एक-एक भाग जाँचो, बिजली बंद करो, ध्यान से खोलो, खराब भाग ठीक करो, वापस जोड़ो और फिर जाँचो। नियमित देखभाल (रखरखाव) से कई खराबियाँ पहले ही रुक जाती हैं। यही सावधान आदतें रोज़ की चीज़ों से कुछ नया बनाने में भी काम आती हैं।