Germany Jahrgangsstufe 8 Economics and Law
अध्याय: 4
1. Economic decisions in private households
Consumer decisions · Money and payments
- चयन की समस्या: दुर्लभता और अवसर लागत – हमारी इच्छाएँ असीमित हैं, पर पैसा, समय, ज़मीन और मज़दूर जैसे संसाधन सीमित हैं। इसे दुर्लभता कहते हैं, और यह हमें चुनने पर मजबूर करती है। जो अगला सबसे अच्छा विकल्प छोड़ा, उसका मूल्य अवसर लागत है। अर्थशास्त्री अध्ययन करते हैं कि लोग और समाज ये चुनाव कैसे करते हैं। हर समाज को तय करना होता है कि क्या, कैसे और किसके लिए उत्पादन हो। बाज़ार, नियोजित और मिश्रित अर्थव्यवस्थाएँ इनका अलग-अलग जवाब देती हैं, और कल्याणकारी राज्य सबकी बुनियादी ज़रूरतें पूरी करता है।
- वित्त प्रबंधन के स्मार्ट तरीके – मुद्रास्फीति से कीमतें बढ़ती हैं, इसलिए उतना ही पैसा कम खरीदता है। बैंक में रखे पैसे पर ब्याज मिलता है: साधारण ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर मिलता है, जबकि चक्रवृद्धि ब्याज पहले के ब्याज पर भी मिलता है, इसलिए समय के साथ तेज़ी से बढ़ता है। बजट आय को ज़रूरतों, चाहतों और बचत में बाँटता है। बचत सुरक्षित रखी जाती है; निवेश बढ़ सकता है पर उसमें जोखिम है, और ज़्यादा संभावित लाभ का मतलब ज़्यादा जोखिम। बीमा जोखिम को बहुत लोगों में बाँटता है। एक सीमा से ऊपर की आय पर आयकर लगता है, जिसकी दरें आय के साथ बढ़ती हैं।
2. Economic decisions in companies
Business processes and division of labour · Marketing decisions
- विपणन प्रबंध – विपणन का मतलब है ख़रीदारों की ज़रूरत पहचानना और मूल्य के बदले, लाभ के साथ, उसे पूरा करना। इसके कई कार्य हैं (अनुसंधान, योजना, ब्रांड, लेबल, पैकेजिंग, कीमत, संवर्धन, वितरण, सेवा) और पाँच विचारधाराएँ (उत्पादन, उत्पाद, विक्रय, विपणन, सामाजिक विपणन)। विपणन मिश्र 4P है: उत्पाद (ब्रांड, लेबल, पैकेजिंग के साथ), कीमत (लागत, माँग, प्रतियोगिता, सरकारी नियम, उद्देश्य और विपणन तरीकों से तय), स्थान (माध्यम और भौतिक वितरण) और संवर्धन (विज्ञापन, व्यक्तिगत विक्रय, विक्रय संवर्धन, जनसंपर्क)।
3. Legally responsible behaviour
Legal responsibility
- आपराधिक कानून (Criminal Law): अपराध और बचाव – आपराधिक कानून बताता है कि राज्य किन कामों को अपराध मानता है और उनकी सज़ा क्या है। ज़्यादातर अपराधों के दो हिस्से होते हैं: दोषी कार्य (actus reus) और दोषी मन (mens rea)। अपराध व्यक्ति के विरुद्ध (घातक जैसे हत्या; गैर-घातक जैसे हमला) या संपत्ति के विरुद्ध (चोरी, लूट, सेंधमारी, धोखाधड़ी, संपत्ति को नुकसान) हो सकते हैं। अपराध करने की कोशिश (प्रयास) भी अपराध है। आत्मरक्षा, दबाव, पागलपन या आपराधिक ज़िम्मेदारी की उम्र से कम होना जैसे बचाव दोष हटा या घटा सकते हैं। अभियुक्त निर्दोष माना जाता है; अभियोजन को उचित संदेह से परे दोष साबित करना होता है।
4. Profile area (economics-social science school)
Household economics: extension · Business economics: extension · Law and responsibility: extension · Economics project
- वित्त प्रबंधन के स्मार्ट तरीके – मुद्रास्फीति से कीमतें बढ़ती हैं, इसलिए उतना ही पैसा कम खरीदता है। बैंक में रखे पैसे पर ब्याज मिलता है: साधारण ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर मिलता है, जबकि चक्रवृद्धि ब्याज पहले के ब्याज पर भी मिलता है, इसलिए समय के साथ तेज़ी से बढ़ता है। बजट आय को ज़रूरतों, चाहतों और बचत में बाँटता है। बचत सुरक्षित रखी जाती है; निवेश बढ़ सकता है पर उसमें जोखिम है, और ज़्यादा संभावित लाभ का मतलब ज़्यादा जोखिम। बीमा जोखिम को बहुत लोगों में बाँटता है। एक सीमा से ऊपर की आय पर आयकर लगता है, जिसकी दरें आय के साथ बढ़ती हैं।
- विपणन प्रबंध – विपणन का मतलब है ख़रीदारों की ज़रूरत पहचानना और मूल्य के बदले, लाभ के साथ, उसे पूरा करना। इसके कई कार्य हैं (अनुसंधान, योजना, ब्रांड, लेबल, पैकेजिंग, कीमत, संवर्धन, वितरण, सेवा) और पाँच विचारधाराएँ (उत्पादन, उत्पाद, विक्रय, विपणन, सामाजिक विपणन)। विपणन मिश्र 4P है: उत्पाद (ब्रांड, लेबल, पैकेजिंग के साथ), कीमत (लागत, माँग, प्रतियोगिता, सरकारी नियम, उद्देश्य और विपणन तरीकों से तय), स्थान (माध्यम और भौतिक वितरण) और संवर्धन (विज्ञापन, व्यक्तिगत विक्रय, विक्रय संवर्धन, जनसंपर्क)।
- आपराधिक कानून (Criminal Law): अपराध और बचाव – आपराधिक कानून बताता है कि राज्य किन कामों को अपराध मानता है और उनकी सज़ा क्या है। ज़्यादातर अपराधों के दो हिस्से होते हैं: दोषी कार्य (actus reus) और दोषी मन (mens rea)। अपराध व्यक्ति के विरुद्ध (घातक जैसे हत्या; गैर-घातक जैसे हमला) या संपत्ति के विरुद्ध (चोरी, लूट, सेंधमारी, धोखाधड़ी, संपत्ति को नुकसान) हो सकते हैं। अपराध करने की कोशिश (प्रयास) भी अपराध है। आत्मरक्षा, दबाव, पागलपन या आपराधिक ज़िम्मेदारी की उम्र से कम होना जैसे बचाव दोष हटा या घटा सकते हैं। अभियुक्त निर्दोष माना जाता है; अभियोजन को उचित संदेह से परे दोष साबित करना होता है।