CBSE कक्षा 9 कृत्रिम बुद्धिमत्ता (417)
अध्याय: 6
1. भाग क: रोज़गार कौशल – I
संचार कौशल-I · स्व-प्रबंधन कौशल-I · सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी कौशल-I · उद्यमशीलता कौशल-I · हरित कौशल-I
- संचार कौशल: अपनी बात साफ़ और प्यार से कैसे पहुँचाएँ – संचार यानी लोगों के बीच अर्थ बाँटना। प्रेषक (भेजने वाला) विचार को संदेश में बदलता है, उसे माध्यम से भेजता है, और प्राप्तकर्ता उसे समझकर प्रतिपुष्टि (फ़ीडबैक) देता है। शोर, कठिन शब्द, तेज़ भावनाएँ और सांस्कृतिक अंतर जैसी बाधाएँ संदेश को रोक या मोड़ सकती हैं। हम अर्थ शब्दों से (शाब्दिक), चेहरे, आँखों, हाव-भाव, मुद्रा और आवाज़ के लहजे से (अशाब्दिक), और चित्रों से (दृश्य) भेजते हैं। सक्रिय श्रवण — ध्यान, धैर्य, सवाल और अपने शब्दों में दोहराना — साबित करता है कि संदेश पहुँचा। अच्छा वक्ता संदर्भ के हिसाब से बदलता है: औपचारिक या अनौपचारिक, बोलकर या लिखकर, और विनम्र अनुरोध, सलीके से मना करना, सच्ची माफ़ी और दृढ़ (न दब्बू, न आक्रामक) भाषा अपनाता है।
- आत्म-प्रबंधन: अपनी भावनाओं, लक्ष्यों और समय की कमान अपने हाथ में – आत्म-प्रबंधन (self-management) यानी अपनी भावनाओं, विचारों और कामों को ख़ुद दिशा देना ताकि आप अपने लक्ष्य तक पहुँचें। इसकी शुरुआत आत्म-जागरूकता से होती है: आप क्या महसूस कर रहे हैं और कितना तेज़। फिर प्रतिक्रिया से पहले ठहराव (रुको, सोचो, करो) और धीमी साँस जैसे उपाय। विचार भावनाओं को और भावनाएँ कामों को बनाती हैं, इसलिए 'मैं बेकार हूँ' को 'मैं अभी नहीं कर पाता' में बदलने से काम बदल जाता है। अच्छे आत्म-प्रबंधक SMART लक्ष्य बनाते हैं, ज़रूरी-महत्वपूर्ण देखकर समय बाँटते हैं, अच्छी आदतें बनाते हैं और असफलता के बाद फिर खड़े होते हैं (लचीलापन)।
- ICT की बुनियादी बातें: कंप्यूटर, क्लाउड और लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म का सुरक्षित उपयोग – ICT यानी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी: वे उपकरण, सॉफ़्टवेयर और नेटवर्क जिनसे हम जानकारी बनाते, रखते और बाँटते हैं। हर कंप्यूटर इनपुट लेता है, प्रोसेस करता है, आउटपुट देता है और डेटा भंडारण में रखता है। भंडारण बाइट में मापा जाता है, और हर बड़ी इकाई (KB, MB, GB, TB) पिछली से लगभग 1000 गुना होती है। अच्छे डिजिटल विद्यार्थी फ़ाइलें साफ़ नाम वाले फ़ोल्डरों में रखते हैं, लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म पर काम लेते-जमा करते हैं, 3-2-1 नियम से बैकअप लेते हैं और लंबे पासफ़्रेज़ व दो-चरण लॉगिन से खाते बचाते हैं। ICT से वीडियो, वेबसाइट और पॉडकास्ट जैसे रचनात्मक प्रोजेक्ट भी बनते हैं।
- विचार से स्टार्टअप तक: उद्यमिता – उद्यमी ज़मीन, श्रम और पूँजी को जोड़कर और जोखिम उठाकर एक विचार को व्यवसाय में बदलता है। नए विचार पुराने तरीकों की जगह लेते हैं, जिसे अर्थशास्त्री रचनात्मक विनाश कहते हैं। स्टार्टअप निवेशकों, बैंकों, इनक्यूबेटरों, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी सरकारी योजनाओं, और MSME कहलाने वाले छोटे उद्यमों की मदद से बढ़ते हैं। व्यवसाय योजना विचार, लागत और ग्राहकों का नक्शा है। लाभ-हानि विवरण बिक्री − लागत दिखाता है, और तुलन पत्र परिसंपत्तियाँ = देनदारियाँ + पूँजी।
2. भाग ख: एआई चिंतन, परियोजना चक्र और नैतिकता
एआई चिंतन, परियोजना चक्र और नैतिकता
- AI परियोजना चक्र: AI समाधान कैसे बनता है – कृत्रिम बुद्धि (AI) मशीन की वह क्षमता है जिससे वह डेटा से सीखकर फ़ैसला या अनुमान करती है, जैसे चेहरा पहचानना या गाने सुझाना। AI समाधान छह चरणों के चक्र में बनता है, जिसे AI परियोजना चक्र कहते हैं: 1) समस्या तय करना (Problem Scoping), 4W से: कौन, क्या, कहाँ, क्यों; 2) डेटा जुटाना (Data Acquisition); 3) डेटा समझना (Data Exploration), साफ़ करना और ग्राफ़ बनाना; 4) मॉडल बनाना (Modelling); 5) जाँचना (Evaluation), नए डेटा पर सटीकता; 6) लागू करना (Deployment) और सुधारते रहना। हर चरण में नैतिकता सोचनी है: निष्पक्षता (पक्षपात नहीं), निजता, पारदर्शिता और ज़िम्मेदारी।
3. भाग ख: डेटा साक्षरता
डेटा साक्षरता
- डेटा साक्षरता: डेटा को पढ़ना, उपयोग करना और परखना – डेटा साक्षरता का मतलब है डेटा पढ़ पाना, उसके साथ काम करना और उस पर अच्छे सवाल पूछना। डेटासेट एक तालिका है: हर पंक्ति एक केस (व्यक्ति, दिन, दुकान) और हर स्तंभ एक चर (उम्र, आने का तरीक़ा, क़ीमत)। हर डेटासेट अधूरी तस्वीर दिखाता है: उसमें कुछ ही लोग, कुछ ही चर, कुछ ही समय होता है, और इकट्ठा करने का तरीक़ा पक्षपात ला सकता है। डेटा से शोध के चरण: सवाल, डेटा, सफ़ाई, छाँटना-गिनना, चार्ट, सावधान निष्कर्ष। खुला डेटा कोई भी मुफ़्त में उपयोग कर सकता है, आम तौर पर गुमनाम करके। संस्थाएँ हमारी ख़रीदारी, जगह और क्लिक से प्रोफ़ाइल बनाती हैं, विज्ञापन चुनती हैं और सेवाएँ योजना करती हैं; इसमें फ़ायदे भी हैं और निजता के ख़तरे भी।
4. भाग ख: एआई के लिए गणित
एआई के लिए गणित
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5. भाग ख: जनरेटिव एआई का परिचय
जनरेटिव एआई का परिचय
- जनरेटिव AI: मशीनें टेक्स्ट, चित्र और बहुत कुछ कैसे बनाती हैं – जनरेटिव AI ऐसा कृत्रिम बुद्धि है जो बहुत सारे उदाहरणों से पैटर्न सीखकर नई सामग्री (टेक्स्ट, चित्र, आवाज़, वीडियो, कोड) बनाता है। बड़ा भाषा मॉडल (LLM) एक बार में एक टोकन लिखता है: हर संभव अगले टोकन को प्रायिकता देकर एक चुनता है; तापमान तय करता है कि चुनाव कितना साहसी हो। डिफ़्यूज़न मॉडल शोर से शुरू करके प्रॉम्प्ट के अनुसार धीरे-धीरे शोर हटाते हैं; GAN में जनरेटर और डिस्क्रिमिनेटर मुक़ाबला करते हैं। यह लिखने, डिज़ाइन, कोडिंग, अनुवाद और पढ़ाई में मदद करता है, पर तथ्य गढ़ सकता है, पक्षपात दोहरा सकता है, डीपफ़ेक बना सकता है और निजता व कॉपीराइट की समस्याएँ ला सकता है। ज़िम्मेदार उपयोग: तथ्य जाँचें, AI उपयोग बताएँ, निजी डेटा बचाएँ और रचनाकारों का सम्मान करें।
6. भाग ख: पायथन का परिचय
पायथन का परिचय
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