Ontario Grade 12 CHY4C World History since the Fifteenth Century (Grade 12, College Preparation)
अध्याय: 5
1. A. Historical Inquiry and Skill Development
A1 Historical Inquiry · A2 Developing Transferable Skills
- वैज्ञानिक विधि – वैज्ञानिक विधि वह सावधान तरीका है जिससे वैज्ञानिक पता लगाते हैं कि दुनिया कैसे चलती है। कुछ देखो (प्रेक्षण), परखने लायक प्रश्न पूछो, परिकल्पना बनाओ (साफ़, परखने योग्य अनुमान), निष्पक्ष प्रयोग से परखो (एक चर बदलो, एक मापो, बाकी सब एक जैसा), दोहराओ और आँकड़े लिखो, विश्लेषण करो, निष्कर्ष निकालो और साझा करो ताकि दूसरे जाँच सकें। जो नतीजे परिकल्पना से मेल न खाएँ, वे भी काम के हैं: वे नई परिकल्पना की ओर ले जाते हैं।
- करियर प्लानिंग: ख़ुद को जानने से पहली नौकरी तक – करियर प्लानिंग के पाँच कदम हैं। 1) ख़ुद को जानो: रुचियाँ, कौशल और मूल्य। 2) करियर परिवार खोजो और जानो कि काम क्या है, कौन-सी पढ़ाई चाहिए, वेतन और माँग कितनी है। 3) SMART लक्ष्य और प्लान B के साथ रास्ता बनाओ। 4) CV, आवेदन पत्र, डिजिटल पोर्टफ़ोलियो और इंटरव्यू अभ्यास से नौकरी खोजो। 5) स्कूल से काम की ओर बढ़ो और सीखते रहो, क्योंकि ज़िंदगी भर करियर बदलता है।
2. B. The World, 1450–1650
B1 Social, Economic, and Political Context · B2 Communities, Conflict, and Cooperation · B3 Identity, Citizenship, and Heritage
- नागरिकशास्त्र और सरकार: नागरिक और सरकार मिलकर कैसे काम करते हैं – नागरिकशास्त्र (civics) यह सिखाता है कि लोग ख़ुद पर शासन कैसे करते हैं और नागरिक कैसे भाग लेते हैं। लोकतंत्र में शक्ति जनता की होती है, जो स्वतंत्र चुनाव में प्रतिनिधि चुनती है। सरकार के तीन अंग हैं: विधायिका क़ानून बनाती है, कार्यपालिका उन्हें लागू करती है और न्यायपालिका जाँचती है कि वे संविधान के अनुसार हों। ज़्यादातर देशों में सरकार के स्तर भी होते हैं: स्थानीय, राज्य या प्रांतीय, और राष्ट्रीय। क़ानून एक विचार से शुरू होकर विधेयक बनता है, बहस और मतदान के बाद स्वीकृत होता है। नागरिकों के अधिकार भी हैं और कर्तव्य भी। सक्रिय नागरिक जानकारी रखते हैं, वोट देते हैं, सेवा करते हैं और शांतिपूर्ण ढंग से बदलाव लाते हैं।
- 1450 के बाद का विश्व इतिहास: समाज कैसे मिले, लड़े और बदले – 1450 के बाद बेहतर जहाज़, कम्पास और छपाई, और मसालों, चाँदी व नए व्यापार मार्गों की तलाश ने समाजों को पास ला दिया। संपर्क से फ़सलें, पशु और विचार आए-गए, पर बीमारियाँ, विजय और क्रूर अटलांटिक दास व्यापार भी आए। बारूदी साम्राज्यों और धार्मिक बँटवारे से नए युद्ध हुए। 1776 से अमेरिका, फ़्रांस, हैती और लैटिन अमेरिका की क्रांतियों ने अधिकार और स्वशासन के विचार फैलाए, और भारत के 1857 जैसे विद्रोहों ने औपनिवेशिक शासन को चुनौती दी। 1800 के दशक में सुधार आंदोलनों ने दास प्रथा, बाल श्रम और अन्यायपूर्ण क़ानूनों का विरोध किया, और महिलाओं को पढ़ाई, संपत्ति के अधिकार और वोट मिलने लगे।
3. C. The World, 1650–1789
C1 Social, Economic, and Political Context · C2 Communities, Conflict, and Cooperation · C3 Identity, Citizenship, and Heritage
- नागरिकशास्त्र और सरकार: नागरिक और सरकार मिलकर कैसे काम करते हैं – नागरिकशास्त्र (civics) यह सिखाता है कि लोग ख़ुद पर शासन कैसे करते हैं और नागरिक कैसे भाग लेते हैं। लोकतंत्र में शक्ति जनता की होती है, जो स्वतंत्र चुनाव में प्रतिनिधि चुनती है। सरकार के तीन अंग हैं: विधायिका क़ानून बनाती है, कार्यपालिका उन्हें लागू करती है और न्यायपालिका जाँचती है कि वे संविधान के अनुसार हों। ज़्यादातर देशों में सरकार के स्तर भी होते हैं: स्थानीय, राज्य या प्रांतीय, और राष्ट्रीय। क़ानून एक विचार से शुरू होकर विधेयक बनता है, बहस और मतदान के बाद स्वीकृत होता है। नागरिकों के अधिकार भी हैं और कर्तव्य भी। सक्रिय नागरिक जानकारी रखते हैं, वोट देते हैं, सेवा करते हैं और शांतिपूर्ण ढंग से बदलाव लाते हैं।
- 1450 के बाद का विश्व इतिहास: समाज कैसे मिले, लड़े और बदले – 1450 के बाद बेहतर जहाज़, कम्पास और छपाई, और मसालों, चाँदी व नए व्यापार मार्गों की तलाश ने समाजों को पास ला दिया। संपर्क से फ़सलें, पशु और विचार आए-गए, पर बीमारियाँ, विजय और क्रूर अटलांटिक दास व्यापार भी आए। बारूदी साम्राज्यों और धार्मिक बँटवारे से नए युद्ध हुए। 1776 से अमेरिका, फ़्रांस, हैती और लैटिन अमेरिका की क्रांतियों ने अधिकार और स्वशासन के विचार फैलाए, और भारत के 1857 जैसे विद्रोहों ने औपनिवेशिक शासन को चुनौती दी। 1800 के दशक में सुधार आंदोलनों ने दास प्रथा, बाल श्रम और अन्यायपूर्ण क़ानूनों का विरोध किया, और महिलाओं को पढ़ाई, संपत्ति के अधिकार और वोट मिलने लगे।
4. D. The World, 1789–1900
D1 Social, Economic, and Political Context · D2 Communities, Conflict, and Cooperation · D3 Identity, Citizenship, Heritage
- नागरिकशास्त्र और सरकार: नागरिक और सरकार मिलकर कैसे काम करते हैं – नागरिकशास्त्र (civics) यह सिखाता है कि लोग ख़ुद पर शासन कैसे करते हैं और नागरिक कैसे भाग लेते हैं। लोकतंत्र में शक्ति जनता की होती है, जो स्वतंत्र चुनाव में प्रतिनिधि चुनती है। सरकार के तीन अंग हैं: विधायिका क़ानून बनाती है, कार्यपालिका उन्हें लागू करती है और न्यायपालिका जाँचती है कि वे संविधान के अनुसार हों। ज़्यादातर देशों में सरकार के स्तर भी होते हैं: स्थानीय, राज्य या प्रांतीय, और राष्ट्रीय। क़ानून एक विचार से शुरू होकर विधेयक बनता है, बहस और मतदान के बाद स्वीकृत होता है। नागरिकों के अधिकार भी हैं और कर्तव्य भी। सक्रिय नागरिक जानकारी रखते हैं, वोट देते हैं, सेवा करते हैं और शांतिपूर्ण ढंग से बदलाव लाते हैं।
- 1450 के बाद का विश्व इतिहास: समाज कैसे मिले, लड़े और बदले – 1450 के बाद बेहतर जहाज़, कम्पास और छपाई, और मसालों, चाँदी व नए व्यापार मार्गों की तलाश ने समाजों को पास ला दिया। संपर्क से फ़सलें, पशु और विचार आए-गए, पर बीमारियाँ, विजय और क्रूर अटलांटिक दास व्यापार भी आए। बारूदी साम्राज्यों और धार्मिक बँटवारे से नए युद्ध हुए। 1776 से अमेरिका, फ़्रांस, हैती और लैटिन अमेरिका की क्रांतियों ने अधिकार और स्वशासन के विचार फैलाए, और भारत के 1857 जैसे विद्रोहों ने औपनिवेशिक शासन को चुनौती दी। 1800 के दशक में सुधार आंदोलनों ने दास प्रथा, बाल श्रम और अन्यायपूर्ण क़ानूनों का विरोध किया, और महिलाओं को पढ़ाई, संपत्ति के अधिकार और वोट मिलने लगे।
5. E. The World Since 1900
E1 Social, Economic, and Political Context · E2 Communities, Conflict, and Cooperation · E3 Identity, Citizenship, and Heritage
- नागरिकशास्त्र और सरकार: नागरिक और सरकार मिलकर कैसे काम करते हैं – नागरिकशास्त्र (civics) यह सिखाता है कि लोग ख़ुद पर शासन कैसे करते हैं और नागरिक कैसे भाग लेते हैं। लोकतंत्र में शक्ति जनता की होती है, जो स्वतंत्र चुनाव में प्रतिनिधि चुनती है। सरकार के तीन अंग हैं: विधायिका क़ानून बनाती है, कार्यपालिका उन्हें लागू करती है और न्यायपालिका जाँचती है कि वे संविधान के अनुसार हों। ज़्यादातर देशों में सरकार के स्तर भी होते हैं: स्थानीय, राज्य या प्रांतीय, और राष्ट्रीय। क़ानून एक विचार से शुरू होकर विधेयक बनता है, बहस और मतदान के बाद स्वीकृत होता है। नागरिकों के अधिकार भी हैं और कर्तव्य भी। सक्रिय नागरिक जानकारी रखते हैं, वोट देते हैं, सेवा करते हैं और शांतिपूर्ण ढंग से बदलाव लाते हैं।