Netherlands VWO 4 (bovenbouw, 2e fase) Computer Science
अध्याय: 2
1. Skills
General skills · Scientific skills · Computing-specific skills
- शोध कौशल: प्रश्न से पूरे प्रोजेक्ट तक – शोध उत्तर खोजने का सावधान तरीका है। आप एक साफ़, सीमित प्रश्न पूछते हैं, उसका उत्तर पाने की योजना बनाते हैं, जानकारी खोजते हैं और हर स्रोत पर भरोसे की जाँच करते हैं, अपने आँकड़े जुटाकर विश्लेषण करते हैं, सबूत पर टिका निष्कर्ष निकालते हैं, और हर स्रोत को श्रेय देते हुए उसे साझा करते हैं।
- डिज़ाइन प्रक्रिया: समस्या से उत्पाद तक – डिज़ाइन प्रक्रिया कदमों का एक चक्र है जिससे डिज़ाइनर असली लोगों की असली समस्या हल करते हैं: ज़रूरत की खोजबीन, उसे ब्रीफ़ और नापने लायक विनिर्देश में लिखना, कई विचार बनाना, प्रोटोटाइप बनाना, और विनिर्देश पर परीक्षण व मूल्यांकन। जो फ़ेल हो, वह आपको चक्र में वापस भेजता है। इस दोहराव को पुनरावृत्ति (iteration) कहते हैं, और लगभग हर उत्पाद, ऐप, इमारत और कलाकृति ऐसे ही बेहतर बनती है।
2. Foundations
Algorithms · Data structures · Automata · Grammars
- समस्या समाधान का परिचय – कंप्यूटर से समस्या हल करने के चरण: समस्या का विश्लेषण (इनपुट, आउटपुट, नियम), एल्गोरिद्म बनाना (सीमित, स्पष्ट, क्रमबद्ध चरण), प्रोग्रामिंग भाषा में कोड करना, अलग-अलग इनपुट से जाँचना (टेस्ट), और डीबग (गलतियाँ ढूँढकर हटाना)। एल्गोरिद्म को फ़्लोचार्ट (अंडाकार = शुरू/रुको, समांतर चतुर्भुज = इनपुट/आउटपुट, आयत = प्रक्रिया, हीरा = निर्णय, तीर = दिशा) या स्यूडोकोड (सरल संरचित भाषा) में दिखाते हैं। विघटन बड़ी समस्या को छोटी उप-समस्याओं में तोड़ता है।
- डेटा संरचना: ऐरे, लिस्ट, स्टैक, क्यू और ट्री – डेटा संरचना मेमोरी में डेटा को ऐसे जमाने का तरीका है कि प्रोग्राम उसे अच्छे से इस्तेमाल कर सके। ऐरे चीज़ों को क्रमांकित डिब्बों में रखता है ताकि सूचकांक से तुरंत पहुँच हो। लिंक्ड लिस्ट नोड्स को पॉइंटर से जोड़ती है, इसलिए बीच में डालना आसान है। स्टैक LIFO (अंतिम आया, पहले गया) और क्यू FIFO (पहले आया, पहले गया) पर चलते हैं। डिक्शनरी कुंजी (key) से मान खोजती है और ट्री डेटा को स्तरों में रखता है ताकि खोज तेज़ हो।
- परिमित अवस्था मशीन और औपचारिक भाषाएँ – परिमित अवस्था मशीन (FSM) में अवस्थाओं का एक सीमित समूह, इनपुट चिह्नों की वर्णमाला, एक आरंभ अवस्था, हर चिह्न पर अगली अवस्था बताने वाला संक्रमण नियम, और (स्वीकारक के लिए) स्वीकार अवस्थाएँ होती हैं। यह इनपुट स्ट्रिंग को एक-एक चिह्न पढ़ती है; अंत में स्वीकार अवस्था में हो तो स्ट्रिंग स्वीकार। मीली मशीन हर संक्रमण पर आउटपुट भी देती है। FSM जिन स्ट्रिंग्स को स्वीकार करती है वे रेगुलर भाषा बनाती हैं, जिसे रेगुलर एक्सप्रेशन से भी लिखा जा सकता है। कोष्ठकों जैसी नेस्टिंग वाली भाषाएँ कॉन्टेक्स्ट-फ़्री हैं और BNF नियमों या सिंटैक्स आरेख से लिखी जाती हैं।