ईमानदारी (integrity) क्या है?
ईमानदारी का मतलब है आपकी बातें और आपके काम एक जैसे हों।
- आप सच बोलते हैं।
- आप छोटे-बड़े हर वादे को निभाते हैं।
- कोई न देखे तब भी सही काम करते हैं।
- गलती हो जाए तो मान लेते हैं और सुधारते हैं।
भरोसा वह एहसास है जो दूसरों को आपके बारे में तब होता है जब आपने बार-बार ईमानदारी दिखाई हो।
भरोसे की कहानियाँ
कहानियाँ नियमों से बेहतर ईमानदारी सिखाती हैं। दो-तीन कहानियाँ जमा कीजिए: परिवार से, अपने शहर से, किसी किताब या इतिहास से। ऐसी कहानियाँ अक्सर इन रूपों में मिलती हैं।
- महँगा वादा: पैसे या समय का नुकसान होने पर भी कोई वादा निभाता है।
- मिला हुआ बटुआ: किसी को पैसों से भरा बैग मिलता है और वह मालिक को लौटा देता है।
- सच्ची गलती: छात्र शिक्षक को बताता है कि जोड़ में उसके फ़ायदे की गलती हो गई थी।
हर कहानी के लिए पूछिए: वादा या सच क्या था? उसकी क्या कीमत थी? व्यक्ति को क्या मिला? बाद में दूसरों को कैसा लगा?
कक्षा में चर्चा करना
अच्छी चर्चा बातचीत होती है, झगड़ा नहीं।
- सवाल चुनें: क्या वादा तोड़ना कभी ठीक है? क्या छोटा झूठ नुकसान नहीं करता?
- कारण दें: अपनी राय बताइए, फिर क्योंकि... और एक उदाहरण।
- पहले सुनिए: जवाब देने से पहले दोस्त की बात दोहराइए।
- दूसरी राय का सम्मान: "आप गलत हैं" की जगह "मैं अलग सोचता हूँ" कहिए।
- निचोड़: एक छात्र उन बातों को लिखे जिन पर ज़्यादातर लोग सहमत हुए।
ईमानदारी पर लेख या भाषण लिखना
छोटे भाषण के तीन हिस्से होते हैं।
- शुरुआत (आकर्षक बात): छोटी कहानी या सवाल। "क्या आपको कभी कोई ऐसी चीज़ मिली जो आपकी नहीं थी?"
- बीच: मुख्य बात (भरोसा धीरे बनता है, जल्दी टूटता है) और सबूत के लिए दो कहानियाँ या उदाहरण।
- अंत: करने के लिए एक साफ़ बात। "कल एक छोटा वादा ज़रूर निभाइए।"
सुझाव: छोटे वाक्य, धीरे बोलना, श्रोताओं की ओर देखना, और करीब दो मिनट। अपने शब्दों में लिखिए, किसी का भाषण नहीं उतारिए।
करके देखिए: एक हफ़्ते तक हर वादा लिखिए ("मैं फ़ोन करूँगा" भी) और निभाने पर निशान लगाइए। आपका टावर कितना ऊँचा हुआ?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ईमानदारी = बातें + काम जो एक जैसे हों
- भरोसा धीरे बनता है (कई निभाए वादे) और जल्दी गिरता है (एक झूठ)
- भाषण = शुरुआत + दो उदाहरण के साथ मुख्य बात + करने की अपील
- चर्चा = कारण + उदाहरण + सुनना + सम्मान + निचोड़
हल किए गए उदाहरण
1. रानी ने सोमवार को किताब लौटाने का वादा किया पर भूल गई। उसे क्या करना चाहिए?
तुरंत सच बताए, माफ़ी माँगे और जल्दी किताब लौटा दे। इससे भरोसा एक-एक ब्लॉक करके लौटता है।
2. खेल के मैदान में आपको एक पर्स मिला। दो ईमानदार कदम बताइए।
उसे अपने पास न रखें। शिक्षक या स्कूल कार्यालय को दें ताकि मालिक मिल सके।
3. ईमानदारी पर 2 मिनट के भाषण की तीन पंक्तियों की योजना बनाइए।
शुरुआत: लौटाए गए बटुए की कहानी। बीच: ईमानदारी से भरोसा धीरे बनता है, एक झूठ से टूटता है; दो उदाहरण दें। अंत: कल एक छोटा वादा निभाने की अपील।
4. चर्चा में दोस्त कहता है कि छोटा झूठ नुकसान नहीं करता। आप विनम्रता से क्या कहेंगे?
मैं अलग सोचता हूँ: छोटे झूठ जुड़ते जाते हैं और लोग आप पर यकीन करना छोड़ देते हैं। क्या हम एक उदाहरण देखें?
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि छोटे वादे मायने नहीं रखते: भरोसा छोटे वादों से ही बनता है।
- गलती बताने की जगह छिपाना: तब झूठ बड़ी समस्या बन जाता है।
- सिर्फ तब ईमानदार रहना जब कोई देख रहा हो: ईमानदारी अकेले में भी चलती है।
- चर्चा में जीतने के लिए बोलना, समझने के लिए सुनना भूल जाना।