राय और सबूत
राय वह है जो कोई सोचता या सही मानता है: "होमवर्क छोटा होना चाहिए।" तथ्य की जाँच हो सकती है; राय एक नज़रिया है जिससे लोग सहमत हो भी सकते हैं, नहीं भी।
राय पर भरोसा दिलाने के लिए सबूत दो: एक कारण (आप ऐसा क्यों सोचते हैं) और एक प्रमाण (तथ्य, संख्या या उदाहरण)। दोनों को क्योंकि से जोड़ो।
जोड़ जाँचो
पूछो: "क्या यह सबूत सचमुच दिखाता है कि मेरी राय सही है?" अगर जवाब ना है तो सबूत विषय से बाहर है, भले ही सच हो।
ठोस और अमूर्त
ठोस शब्द उन चीज़ों के नाम हैं जिन्हें देख, छू, सुन या गिन सकते हैं: नीम का पेड़, 28 डिग्री, लाल बस।
अमूर्त शब्द विचार, भावना या समूह के नाम हैं: प्रकृति, न्याय, आराम, परिवहन।
एक विचार कई स्तरों पर बैठ सकता है। नीम (ठोस) एक तरह का पेड़ (बीच) है, और पेड़ प्रकृति (अमूर्त) का हिस्सा हैं।
सीढ़ी पर ऊपर और नीचे
- ऊपर जाना (अमूर्त): कई उदाहरण देखकर बताओ कि उनमें क्या एक-सा है। यही सार या मुख्य विचार है।
- नीचे आना (ठोस): कोई विचार बोले तो पूछो "क्या आप उदाहरण दे सकते हैं?"
साफ़ लेख दोनों का इस्तेमाल करता है। सिर्फ़ अमूर्त शब्द धुंधले लगते हैं। सिर्फ़ उदाहरण बिना मतलब की सूची लगते हैं।
दोनों को साथ रखना
मज़बूत सबूत अक्सर ठोस होता है: संख्या, नाम, उदाहरण। मज़बूत राय इतनी अमूर्त होती है कि उन उदाहरणों को समेट ले। पहले राय लिखो, फिर दो ठोस सबूत और एक "क्योंकि" से उसे थामो।
करके देखो
अपने स्कूल के बारे में एक राय चुनो। सबूत में दो ठोस उदाहरण लिखो। फिर एक अमूर्त वाक्य लिखो जो उनका सार हो। दोस्त से बदलकर जोड़ जाँचो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- राय + कारण + प्रमाण ("क्योंकि" से जुड़े) = पुष्ट राय
- ठोस = देख, छू, गिन सकते हैं
- अमूर्त = सामान्य विचार या भावना
- सीढ़ी पर ऊपर = सामान्य; नीचे = उदाहरण
- सबूत राय से जुड़ा होना चाहिए
हल किए गए उदाहरण
1. ठोस या अमूर्त छाँटो: पेंसिल, ईमानदारी, 12 विद्यार्थी, आज़ादी।
ठोस: पेंसिल, 12 विद्यार्थी। अमूर्त: ईमानदारी, आज़ादी।
2. राय: "साइकिल चलाना विद्यार्थियों के लिए अच्छा है।" कौन-सा सबूत बेहतर है: "साइकिलें नीली होती हैं" या "हमारी कक्षा के दस साइकिल वाले 5 मिनट पहले पहुँचे"?
दूसरा। वह ठोस है और राय से जुड़ता है। "साइकिलें नीली होती हैं" सच है पर राय को नहीं थामता।
3. इन पर सीढ़ी चढ़ो: गौरैया, कौआ, कबूतर।
पक्षी (बीच का स्तर), फिर जीव-जंतु या जीवित प्राणी (और अमूर्त)।
आम गलतियाँ
- ऐसा सच्चा तथ्य देना जो राय से न जुड़ता हो।
- राय को तथ्य मान लेना क्योंकि बहुत लोग सहमत हैं।
- सिर्फ़ अमूर्त शब्द इस्तेमाल करना, कोई उदाहरण नहीं।
- उदाहरणों की सूची देना पर मुख्य विचार कभी न बताना।