अभ्यास-संस्थान (स्कूल) को जानना
शिक्षण अभ्यास का मतलब है असली स्कूल में, असली बच्चों के साथ पढ़ाना सीखना। एक प्रशिक्षित शिक्षक, यानी आपका मार्गदर्शक (मेंटर), आपका साथ देता है।
पढ़ाने से पहले स्कूल को जान लीजिए। घूमकर पता कीजिए:
- लोग: प्रधानाचार्य, शिक्षक, सहायक और आप किसे बताएँगे।
- जगहें: दफ़्तर, कक्षाएँ, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, मैदान, शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा।
- नियम: समय, उपस्थिति, वेशभूषा, बच्चों से बात करने का ढंग, बाल सुरक्षा।
- बच्चे: कक्षाएँ, उम्र, बोली जाने वाली भाषाएँ, अतिरिक्त मदद की ज़रूरत।
विनम्र रहिए, समय पर आइए और न पता हो तो पूछिए। नियम मानने से स्कूल का भरोसा बढ़ता है।
शैक्षिक गतिविधियों का निरीक्षण
निरीक्षण (observe) का मतलब है ध्यान से देखना और जो हो रहा है उसे लिखना। आप फ़ैसला नहीं सुनाते, आप तथ्य जमा करते हैं।
चार चीज़ें देखिए: शिक्षक (आवाज़, प्रश्न, निर्देश), बच्चे (कौन व्यस्त है, कौन खोया है), समय (हर भाग कितनी देर चला) और कमरा (बैठने की व्यवस्था, शोर, सामग्री)।
तथ्य लिखिए ("प्रश्न के बाद छह बच्चों ने हाथ उठाया"), राय नहीं ("कक्षा आलसी थी")। सरल चेकलिस्ट या मिलान-चिह्न (टैली) तालिका बनाइए। बच्चों के नाम गोपनीय रखिए।
कक्षा में सहायता करना
अकेले पढ़ाने से पहले आप सहायता करते हैं। छोटे अच्छे काम हैं: पन्ने बाँटना, किसी समूह की मदद, कॉपियाँ जाँचना, समय देखना, प्रयोग लगाना, या एक बच्चे के साथ पढ़ना।
पहले मेंटर से पूछिए। मदद कीजिए, कक्षा पर कब्ज़ा मत कीजिए। जब किसी प्रश्न का उत्तर न आए तो साफ़ कहिए और साथ मिलकर ढूँढिए।
पाठ योजना और शिक्षण सामग्री बनाना
पाठ योजना एक पाठ का छोटा लिखित नक्शा है। यह बताती है: पाठ के अंत में बच्चे क्या कर सकें (उद्देश्य)? मैं क्या करूँगा? बच्चे क्या करेंगे? मैं कैसे जाँचूँगा?
40 मिनट की सरल योजना के चार भाग हैं:
- शुरुआत (5 मिनट): रुचि जगाने वाला प्रश्न या वस्तु।
- समझाना (लगभग 15 मिनट): एक बार में एक विचार, उदाहरण सहित।
- अभ्यास (लगभग 15 मिनट): बच्चे अकेले या समूह में काम करते हैं।
- जाँच (5 मिनट): दो-तीन प्रश्न, देखने के लिए कि किसने समझा।
शिक्षण सामग्री वे चीज़ें हैं जो सीखने में मदद करती हैं: चार्ट, असली वस्तुएँ, कार्ड, वर्कशीट, सरल मॉडल। उन्हें बड़ा, साफ़ और सस्ता बनाइए। कक्षा से पहले जाँच लीजिए और कुछ बिगड़े तो योजना ब (प्लान बी) रखिए।
चिंतनशील डायरी
चिंतनशील डायरी वह कॉपी है जिसमें आप पाठ के बाद उसके बारे में लिखते हैं। चिंतन (reflect) का मतलब है पीछे सोचकर उससे सीखना।
तीन प्रश्न पूछिए: क्या हुआ? (तथ्य) क्यों हुआ? (कारण) अगली बार क्या बदलूँगा? (कार्य)।
पाठ के तुरंत बाद लिखिए, ईमानदार रहिए, ख़ुद के प्रति दयालु रहिए और अच्छे पल भी लिखिए।
पोर्टफोलियो
पोर्टफोलियो आपकी प्रगति के सबूतों की फ़ाइल है: पाठ योजनाएँ, आपकी बनाई सामग्री, मेंटर की प्रतिक्रिया, बच्चों का काम (अनुमति से और बिना नाम), और जहाँ अनुमति हो वहाँ फ़ोटो।
हर सबूत के साथ दो पंक्तियाँ जोड़िए: यह क्या दिखाता है और आपने क्या सीखा। पोर्टफोलियो काग़ज़ों का ढेर नहीं है। यह बताता है कि आप कैसे बेहतर शिक्षक बने।
करके देखिए: छोटा अभ्यास चक्र
घर पर छोटा चक्र कीजिए। देखो: परिवार के किसी सदस्य को 5 मिनट कुछ समझाते देखिए और तीन तथ्य लिखिए। बनाओ: छोटे बच्चे के लिए 10 मिनट का पाठ बनाइए। करो: उसे पढ़ाइए। सोचो: तीन पंक्तियाँ लिखिए: क्या हुआ, क्यों, और क्या बदलना है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य शब्द: शिक्षण अभ्यास, मेंटर, निरीक्षण, सहायता, पाठ योजना, उद्देश्य, शिक्षण सामग्री, चिंतनशील डायरी, पोर्टफोलियो
- अभ्यास चक्र: स्कूल को जानो -> देखो और मदद करो -> योजना बनाकर पढ़ाओ -> चिंतन करो -> दोहराओ
- 40 मिनट का पाठ: शुरुआत 5 + समझाना 15 + अभ्यास 15 + जाँच 5
- चिंतन के प्रश्न: क्या हुआ? क्यों? आगे क्या?
हल किए गए उदाहरण
1. आपने कक्षा देखकर लिखा: "कक्षा शोर करने वाली और ख़राब थी।" इसे काम की टिप्पणी में बदलिए।
तथ्य लिखिए: "10:05 बजे समूह कार्य में लगभग 8 बच्चे एक साथ बोल रहे थे। दो समूह काम कर रहे थे। शिक्षिका ने हाथ उठाया और 15 सेकंड में शांति हो गई।" तथ्यों से सुधार हो सकता है, राय से नहीं।
2. जल चक्र पर 40 मिनट का पाठ हर भाग के समय के साथ बनाइए।
उद्देश्य: बच्चे जल चक्र के चार चरण बता सकें। शुरुआत (5 मिनट): पूछें कि गड्ढे का पानी कहाँ जाता है। समझाना (15 मिनट): वाष्पीकरण, संघनन, वर्षा, संग्रह, चित्र के साथ। अभ्यास (15 मिनट): समूह चित्र पर नाम लिखें और अभिनय करें। जाँच (5 मिनट): कार्डों पर तीन प्रश्न। कुल 5 + 15 + 15 + 5 = 40।
3. जिस पाठ में कई बच्चे काम पूरा नहीं कर पाए, उसके बाद तीन पंक्तियों की डायरी प्रविष्टि लिखिए।
क्या हुआ: 30 में से 12 बच्चे वर्कशीट पूरी नहीं कर सके। क्यों: मेरा समझाना 25 मिनट चला, इसलिए अभ्यास का समय सिर्फ़ 8 मिनट रहा। आगे: 15 मिनट समझाऊँगा और छोटी वर्कशीट दूँगा।
आम गलतियाँ
- स्कूल के नियम और दिनचर्या जाने बिना सीधे पढ़ाने लगना।
- निरीक्षण में साफ़ तथ्य के बजाय बच्चों के बारे में राय या ठप्पे लिखना।
- एक पाठ में बहुत ज़्यादा योजना बनाना, जिससे अभ्यास और जाँच कट जाते हैं।
- पोर्टफोलियो में काग़ज़ भर देना पर यह कभी न लिखना कि हर सबूत क्या दिखाता है।