South 중학교 2학년 Classical Chinese
अध्याय: 2
1. Characters and vocabulary
Shape, sound and meaning of characters · How characters were formed · Structure of words · Reading words and idioms · Using idioms in context · Culture of the character-using world
- पूर्वी एशिया की संस्कृति: चीन, कोरिया और जापान क्या साझा करते हैं – चीन, कोरिया और जापान की बोली अलग है, पर लगभग दो हज़ार साल तक इन्होंने चीनी अक्षरों पर आधारित लिपि (चीन में हान्ज़ी, कोरिया में हान्जा, जापान में कांजी) और कई विचार साझा किए: परिवार और पढ़ाई पर कन्फ़्यूशियस के विचार, भारत से आया बौद्ध धर्म, काग़ज़ और छपाई, और चंद्र पंचांग। हर जगह ने उधार ली चीज़ को बदला: कोरिया ने अपनी वर्णमाला (हंगुल, 1443) बनाई और जापान ने अक्षरों से काना बनाया। विद्वान शास्त्रीय चीनी में लिखते थे, इसलिए किताबें दूर तक पढ़ी जाती थीं। जोसियन राजवंश के इतिहास (एनल्स) और त्रिपिटक कोरियाना जैसे अभिलेख इस विरासत को आज भी सँभाले हैं। बहुत से शब्द एक ही अक्षरों से बने हैं, इसलिए तीनों भाषाओं में मिलते-जुलते लगते हैं (जैसे टेलीफ़ोन: diànhuà, jeonhwa, denwa)। पर कुछ शब्द "झूठे दोस्त" हैं: अक्षर वही, अर्थ अलग। साझा और स्थानीय दोनों हिस्से समझना ही इस क्षेत्र को समझने की कुंजी है।
2. Sentences
Sentence structures · Reading aloud with meaning · Translating correctly · Main idea of a passage · Wisdom of earlier thinkers · Value of traditional culture
- प्राचीन ज्ञान: पुराने शब्द, नया जीवन – क्लासिक या श्रेष्ठ ग्रंथ वे पुराने ग्रंथ हैं जिन्हें लोग सदियों से पढ़ते आए हैं क्योंकि उनके विचार आज भी काम आते हैं। चीन, भारत, यूनान और दूसरी जगहों के विचारकों ने सीखने, मेहनत, दया और प्रकृति के साथ जीने पर छोटी सूक्तियाँ छोड़ीं। कई मुहावरे पूरी पुरानी कहानी को कुछ शब्दों में समेटते हैं। ग्रंथ पढ़ने के लिए जानो किसने, कब और क्यों कहा, आज की भाषा में अर्थ लिखो, परखो कि क्या आज भी सच है, और अपने जीवन में लगाओ। परंपरा का सम्मान मतलब हर पुरानी बात मानना नहीं: जो बुद्धिमानी है उसे रखो, जो अन्याय है उस पर सवाल करो।