South 중학교 2학년 English 2
अध्याय: 2
1. Understanding (listening and reading)
Recognising linked and reduced sounds · Finding details · Finding the main idea · Logical links between events · Inferring feelings · Inferring purpose · Implied meanings · Strategies for multimedia texts · Respecting different views · Choosing texts by interest
- अनुमान लगाना: पढ़ने और सुनने में पंक्तियों के बीच का अर्थ – अनुमान (inference) पाठ के सुरागों और आपकी पहले की जानकारी पर आधारित समझदार अंदाज़ा है। अच्छे पाठक और श्रोता लोगों की भावना और माहौल, वक्ता या लेखक का इरादा और उद्देश्य, उनका लहजा और रवैया, संदर्भ से नए शब्दों का अर्थ, और पाठ में छोड़ी गई बात का अनुमान लगाते हैं। हर अनुमान के पीछे सबूत होना चाहिए।
- मीडिया साक्षरता (Media Literacy) – मीडिया साक्षरता मीडिया को पढ़ने, उस पर सवाल करने और खुद बनाने का हुनर है: समाचार, विज्ञापन, वीडियो, पोस्ट, फ़िल्म और गेम। हर मीडिया पाठ किसी ने, किसी उद्देश्य से, किसी दर्शक के लिए बनाया है, और उसमें ऐसे रूप, परिपाटियाँ और तकनीकें हैं जो हमारी भावना बदलती हैं। मीडिया-साक्षर व्यक्ति मानने या शेयर करने से पहले स्रोत, सबूत, दूसरे स्रोत और मूल जाँचता है, पूर्वाग्रह और फ़िल्टर बबल पहचानता है, और ज़िम्मेदारी से अपना मीडिया बनाता है।
- अंतर-सांस्कृतिक दक्षता – अंतर-सांस्कृतिक दक्षता (intercultural competence) का मतलब है दूसरी संस्कृति के लोगों को समझना, उनका आदर करना और उनसे अच्छी तरह बात कर पाना। संस्कृति एक हिमशैल (iceberg) जैसी है: खाना, कपड़े, त्योहार ऊपर दिखते हैं, पर मूल्य, समय की सोच और विनम्रता के नियम नीचे छिपे रहते हैं। ग़लतफ़हमियाँ इसी छिपे हिस्से से आती हैं। इसके लिए तीन चीज़ें चाहिए: ज्ञान, खुला और जिज्ञासु रवैया, और सुनने-पूछने और जल्दी फ़ैसला न करने का कौशल। विदेशी भाषा सीखना सबसे अच्छा पुल है।
2. Expression (speaking and writing)
Using connected speech · Describing feelings · Explaining facts · Talking about experiences and plans · Explaining logical relations · Giving opinions · Summarising · Diaries, letters, emails · Using media ethically · Adapting to purpose · Considerate communication
- डिजिटल पदचिह्न और नेट शिष्टाचार – डिजिटल पदचिह्न वह डेटा का निशान है जो हम ऑनलाइन छोड़ते हैं। सक्रिय पदचिह्न जान-बूझकर साझा होते हैं (पोस्ट, कमेंट, फ़ॉर्म); निष्क्रिय पदचिह्न हमारी जानकारी के बिना इकट्ठे होते हैं (कुकीज़, ब्राउज़िंग हिस्ट्री, लोकेशन, IP पता)। ये मिटाना कठिन है और बाद में दूसरे देख सकते हैं। हम डिजिटल समाज में रहते हैं जहाँ पढ़ाई, बैंकिंग, ख़रीदारी और सरकारी सेवाएँ ऑनलाइन हैं; इसका ज़िम्मेदार उपयोगकर्ता डिजिटल नागरिक (नेटिज़न) है। नेट शिष्टाचार: नैतिक (कॉपीराइट मानें, भरोसेमंद जानकारी), सम्मानजनक (निजता, विविधता, बुलिंग नहीं) और ज़िम्मेदार (ज़्यादा निजी बातें नहीं, ट्रोल को जवाब नहीं)। संचार शिष्टाचार: सटीक, विनम्र, विश्वसनीय; सोशल मीडिया शिष्टाचार: सोच-समझकर पासवर्ड और प्राइवेसी, अपलोड से पहले सोचें, साझा करने से पहले जाँचें।
- संचार कौशल: अपनी बात साफ़ और प्यार से कैसे पहुँचाएँ – संचार यानी लोगों के बीच अर्थ बाँटना। प्रेषक (भेजने वाला) विचार को संदेश में बदलता है, उसे माध्यम से भेजता है, और प्राप्तकर्ता उसे समझकर प्रतिपुष्टि (फ़ीडबैक) देता है। शोर, कठिन शब्द, तेज़ भावनाएँ और सांस्कृतिक अंतर जैसी बाधाएँ संदेश को रोक या मोड़ सकती हैं। हम अर्थ शब्दों से (शाब्दिक), चेहरे, आँखों, हाव-भाव, मुद्रा और आवाज़ के लहजे से (अशाब्दिक), और चित्रों से (दृश्य) भेजते हैं। सक्रिय श्रवण — ध्यान, धैर्य, सवाल और अपने शब्दों में दोहराना — साबित करता है कि संदेश पहुँचा। अच्छा वक्ता संदर्भ के हिसाब से बदलता है: औपचारिक या अनौपचारिक, बोलकर या लिखकर, और विनम्र अनुरोध, सलीके से मना करना, सच्ची माफ़ी और दृढ़ (न दब्बू, न आक्रामक) भाषा अपनाता है।