South 고등학교 3학년 Cultures of English-speaking Countries
अध्याय: 4
1. Listening
Ways of life and customs · Topic and gist · Intent and purpose · Feelings and attitude
- अंतर-सांस्कृतिक दक्षता – अंतर-सांस्कृतिक दक्षता (intercultural competence) का मतलब है दूसरी संस्कृति के लोगों को समझना, उनका आदर करना और उनसे अच्छी तरह बात कर पाना। संस्कृति एक हिमशैल (iceberg) जैसी है: खाना, कपड़े, त्योहार ऊपर दिखते हैं, पर मूल्य, समय की सोच और विनम्रता के नियम नीचे छिपे रहते हैं। ग़लतफ़हमियाँ इसी छिपे हिस्से से आती हैं। इसके लिए तीन चीज़ें चाहिए: ज्ञान, खुला और जिज्ञासु रवैया, और सुनने-पूछने और जल्दी फ़ैसला न करने का कौशल। विदेशी भाषा सीखना सबसे अच्छा पुल है।
- अनुमान लगाना: पढ़ने और सुनने में पंक्तियों के बीच का अर्थ – अनुमान (inference) पाठ के सुरागों और आपकी पहले की जानकारी पर आधारित समझदार अंदाज़ा है। अच्छे पाठक और श्रोता लोगों की भावना और माहौल, वक्ता या लेखक का इरादा और उद्देश्य, उनका लहजा और रवैया, संदर्भ से नए शब्दों का अर्थ, और पाठ में छोड़ी गई बात का अनुमान लगाते हैं। हर अनुमान के पीछे सबूत होना चाहिए।
2. Speaking
Talking about ways of life · Opinions on other cultures · Comparing cultures · Verbal and non-verbal styles
- अंतर-सांस्कृतिक दक्षता – अंतर-सांस्कृतिक दक्षता (intercultural competence) का मतलब है दूसरी संस्कृति के लोगों को समझना, उनका आदर करना और उनसे अच्छी तरह बात कर पाना। संस्कृति एक हिमशैल (iceberg) जैसी है: खाना, कपड़े, त्योहार ऊपर दिखते हैं, पर मूल्य, समय की सोच और विनम्रता के नियम नीचे छिपे रहते हैं। ग़लतफ़हमियाँ इसी छिपे हिस्से से आती हैं। इसके लिए तीन चीज़ें चाहिए: ज्ञान, खुला और जिज्ञासु रवैया, और सुनने-पूछने और जल्दी फ़ैसला न करने का कौशल। विदेशी भाषा सीखना सबसे अच्छा पुल है।
- संचार कौशल: अपनी बात साफ़ और प्यार से कैसे पहुँचाएँ – संचार यानी लोगों के बीच अर्थ बाँटना। प्रेषक (भेजने वाला) विचार को संदेश में बदलता है, उसे माध्यम से भेजता है, और प्राप्तकर्ता उसे समझकर प्रतिपुष्टि (फ़ीडबैक) देता है। शोर, कठिन शब्द, तेज़ भावनाएँ और सांस्कृतिक अंतर जैसी बाधाएँ संदेश को रोक या मोड़ सकती हैं। हम अर्थ शब्दों से (शाब्दिक), चेहरे, आँखों, हाव-भाव, मुद्रा और आवाज़ के लहजे से (अशाब्दिक), और चित्रों से (दृश्य) भेजते हैं। सक्रिय श्रवण — ध्यान, धैर्य, सवाल और अपने शब्दों में दोहराना — साबित करता है कि संदेश पहुँचा। अच्छा वक्ता संदर्भ के हिसाब से बदलता है: औपचारिक या अनौपचारिक, बोलकर या लिखकर, और विनम्र अनुरोध, सलीके से मना करना, सच्ची माफ़ी और दृढ़ (न दब्बू, न आक्रामक) भाषा अपनाता है।
3. Reading
Ways of life · Topic and gist · Intent and purpose · Feelings and attitude
- अंतर-सांस्कृतिक दक्षता – अंतर-सांस्कृतिक दक्षता (intercultural competence) का मतलब है दूसरी संस्कृति के लोगों को समझना, उनका आदर करना और उनसे अच्छी तरह बात कर पाना। संस्कृति एक हिमशैल (iceberg) जैसी है: खाना, कपड़े, त्योहार ऊपर दिखते हैं, पर मूल्य, समय की सोच और विनम्रता के नियम नीचे छिपे रहते हैं। ग़लतफ़हमियाँ इसी छिपे हिस्से से आती हैं। इसके लिए तीन चीज़ें चाहिए: ज्ञान, खुला और जिज्ञासु रवैया, और सुनने-पूछने और जल्दी फ़ैसला न करने का कौशल। विदेशी भाषा सीखना सबसे अच्छा पुल है।
- अनुमान लगाना: पढ़ने और सुनने में पंक्तियों के बीच का अर्थ – अनुमान (inference) पाठ के सुरागों और आपकी पहले की जानकारी पर आधारित समझदार अंदाज़ा है। अच्छे पाठक और श्रोता लोगों की भावना और माहौल, वक्ता या लेखक का इरादा और उद्देश्य, उनका लहजा और रवैया, संदर्भ से नए शब्दों का अर्थ, और पाठ में छोड़ी गई बात का अनुमान लगाते हैं। हर अनुमान के पीछे सबूत होना चाहिए।
4. Writing
Recording cultural information · Summaries · Opinions and feelings · Views on culture · Short reports on culture · Compare-contrast writing
- अंतर-सांस्कृतिक दक्षता – अंतर-सांस्कृतिक दक्षता (intercultural competence) का मतलब है दूसरी संस्कृति के लोगों को समझना, उनका आदर करना और उनसे अच्छी तरह बात कर पाना। संस्कृति एक हिमशैल (iceberg) जैसी है: खाना, कपड़े, त्योहार ऊपर दिखते हैं, पर मूल्य, समय की सोच और विनम्रता के नियम नीचे छिपे रहते हैं। ग़लतफ़हमियाँ इसी छिपे हिस्से से आती हैं। इसके लिए तीन चीज़ें चाहिए: ज्ञान, खुला और जिज्ञासु रवैया, और सुनने-पूछने और जल्दी फ़ैसला न करने का कौशल। विदेशी भाषा सीखना सबसे अच्छा पुल है।