South 고등학교 2학년 Speech and Language
अध्याय: 3
1. Language knowledge
Language and human life · Standard pronunciation · Parts of speech and sentence structure · Word structure and meaning relations · Vocabulary and grammar in context · Discourse structure and cohesion · Analysing language in media
- मीडिया साक्षरता (Media Literacy) – मीडिया साक्षरता मीडिया को पढ़ने, उस पर सवाल करने और खुद बनाने का हुनर है: समाचार, विज्ञापन, वीडियो, पोस्ट, फ़िल्म और गेम। हर मीडिया पाठ किसी ने, किसी उद्देश्य से, किसी दर्शक के लिए बनाया है, और उसमें ऐसे रूप, परिपाटियाँ और तकनीकें हैं जो हमारी भावना बदलती हैं। मीडिया-साक्षर व्यक्ति मानने या शेयर करने से पहले स्रोत, सबूत, दूसरे स्रोत और मूल जाँचता है, पूर्वाग्रह और फ़िल्टर बबल पहचानता है, और ज़िम्मेदारी से अपना मीडिया बनाता है।
2. Speech in practice
Self-concept and communication · Verbal and paraverbal strategies · Credibility and persuasion · Discussion using evidence · Debate: testing claims and evidence · Negotiation strategies
- संचार कौशल: अपनी बात साफ़ और प्यार से कैसे पहुँचाएँ – संचार यानी लोगों के बीच अर्थ बाँटना। प्रेषक (भेजने वाला) विचार को संदेश में बदलता है, उसे माध्यम से भेजता है, और प्राप्तकर्ता उसे समझकर प्रतिपुष्टि (फ़ीडबैक) देता है। शोर, कठिन शब्द, तेज़ भावनाएँ और सांस्कृतिक अंतर जैसी बाधाएँ संदेश को रोक या मोड़ सकती हैं। हम अर्थ शब्दों से (शाब्दिक), चेहरे, आँखों, हाव-भाव, मुद्रा और आवाज़ के लहजे से (अशाब्दिक), और चित्रों से (दृश्य) भेजते हैं। सक्रिय श्रवण — ध्यान, धैर्य, सवाल और अपने शब्दों में दोहराना — साबित करता है कि संदेश पहुँचा। अच्छा वक्ता संदर्भ के हिसाब से बदलता है: औपचारिक या अनौपचारिक, बोलकर या लिखकर, और विनम्र अनुरोध, सलीके से मना करना, सच्ची माफ़ी और दृढ़ (न दब्बू, न आक्रामक) भाषा अपनाता है।
- प्रेज़ेंटेशन स्किल्स: श्रोताओं के सामने बोलना – अच्छा प्रेज़ेंटेशन श्रोता और उद्देश्य को सोचकर बनता है। उसमें साफ़ शुरुआत, मुख्य भाग और अंत होता है। स्लाइड सरल होती हैं और बोलने वाले की मदद करती हैं। साफ़ आवाज़, आँखों से संपर्क और सही समय ज़रूरी हैं। अभ्यास से घबराहट आत्मविश्वास बन जाती है।
- वाद-विवाद कौशल: साफ़, निष्पक्ष और असरदार तर्क कैसे दें – वाद-विवाद किसी प्रस्ताव पर विचारों की समय-बद्ध, नियम वाली प्रतियोगिता है। एक पक्ष उसके समर्थन में बोलता है, दूसरा विरोध में, और अध्यक्ष व्यवस्था बनाए रखता है। अच्छे तर्क में दावा, कारण, सबूत और प्रस्ताव से जोड़ होता है। शोध से सबूत मज़बूत बनते हैं: भरोसेमंद, ताज़ा और प्रासंगिक। खंडन में दूसरी तरफ़ की सबसे कमज़ोर बात का जवाब दिया जाता है; प्रति-प्रश्न में छोटे सवालों से कमज़ोरी दिखाई जाती है। अच्छे वक्ता तर्क पर वार करते हैं, इंसान पर नहीं, और जितना बोलते हैं उतने ध्यान से सुनते भी हैं।
- समझौता वार्ता – वार्ता (negotiation) वह बातचीत है जिससे दो लोग या समूह, जो अलग-अलग चीज़ें चाहते हैं, किसी समझौते तक पहुँचते हैं। हर पक्ष जो कहता है वह उसकी माँग (स्थिति) है; उसके पीछे की वजह उसकी ज़रूरत (हित) है। "क्यों" पूछकर और ध्यान से सुनकर अक्सर ऐसा हल मिल जाता है जिसमें दोनों की ज़रूरत पूरी होती है। अच्छी वार्ता के चरण हैं: तैयारी, शुरुआत, खोज, सौदा और समझौता।
3. Language and community
Language as social action · Discourse conventions of communities
जल्द आ रहा है