South 고등학교 2학년 English I
अध्याय: 2
1. Understanding
Details in speech and texts · Topic and gist · Speaker's feelings and intent · Logical relations · Meaning from context · Organisation of texts · Strategies for multimedia input · Views of own and other cultures
- अनुमान लगाना: पढ़ने और सुनने में पंक्तियों के बीच का अर्थ – अनुमान (inference) पाठ के सुरागों और आपकी पहले की जानकारी पर आधारित समझदार अंदाज़ा है। अच्छे पाठक और श्रोता लोगों की भावना और माहौल, वक्ता या लेखक का इरादा और उद्देश्य, उनका लहजा और रवैया, संदर्भ से नए शब्दों का अर्थ, और पाठ में छोड़ी गई बात का अनुमान लगाते हैं। हर अनुमान के पीछे सबूत होना चाहिए।
- अंतर-सांस्कृतिक दक्षता – अंतर-सांस्कृतिक दक्षता (intercultural competence) का मतलब है दूसरी संस्कृति के लोगों को समझना, उनका आदर करना और उनसे अच्छी तरह बात कर पाना। संस्कृति एक हिमशैल (iceberg) जैसी है: खाना, कपड़े, त्योहार ऊपर दिखते हैं, पर मूल्य, समय की सोच और विनम्रता के नियम नीचे छिपे रहते हैं। ग़लतफ़हमियाँ इसी छिपे हिस्से से आती हैं। इसके लिए तीन चीज़ें चाहिए: ज्ञान, खुला और जिज्ञासु रवैया, और सुनने-पूछने और जल्दी फ़ैसला न करने का कौशल। विदेशी भाषा सीखना सबसे अच्छा पुल है।
2. Expression
Explaining facts · Narrating experiences and events · Giving opinions respectfully · Summarising · Forms: letters and applications · Editing and writing ethics · Presenting with media · Collaborative speaking and writing
- प्रेज़ेंटेशन स्किल्स: श्रोताओं के सामने बोलना – अच्छा प्रेज़ेंटेशन श्रोता और उद्देश्य को सोचकर बनता है। उसमें साफ़ शुरुआत, मुख्य भाग और अंत होता है। स्लाइड सरल होती हैं और बोलने वाले की मदद करती हैं। साफ़ आवाज़, आँखों से संपर्क और सही समय ज़रूरी हैं। अभ्यास से घबराहट आत्मविश्वास बन जाती है।
- सहयोग और टीमवर्क – सहयोग यानी लोग एक साझा लक्ष्य के लिए मिलकर काम करें, विचार, काम और श्रेय बाँटें। अच्छी टीमें साफ़ लक्ष्य तय करती हैं, काम को ताक़त के हिसाब से भूमिकाओं में बाँटती हैं और साझा माध्यमों से बात करती हैं। संवाद की कड़ियाँ तेज़ी से बढ़ती हैं (n(n−1)/2), इसलिए 4–7 लोगों की टीम अक्सर अच्छी चलती है। टीमें चरणों से गुज़रती हैं: गठन, टकराव, नियम, प्रदर्शन और समापन। मतभेद सामान्य है और सुनने, नियमों और समस्या पर ध्यान से सुलझता है। सहयोगी समीक्षा (सराहना, प्रश्न, सुझाव) काम बेहतर बनाती है।