Japan 高校1年 Special Activities
अध्याय: 3
1. Homeroom activities
Participating in homeroom and school life · Adapting to life, growth, health and safety · Career formation and self-realisation
- करियर प्लानिंग: ख़ुद को जानने से पहली नौकरी तक – करियर प्लानिंग के पाँच कदम हैं। 1) ख़ुद को जानो: रुचियाँ, कौशल और मूल्य। 2) करियर परिवार खोजो और जानो कि काम क्या है, कौन-सी पढ़ाई चाहिए, वेतन और माँग कितनी है। 3) SMART लक्ष्य और प्लान B के साथ रास्ता बनाओ। 4) CV, आवेदन पत्र, डिजिटल पोर्टफ़ोलियो और इंटरव्यू अभ्यास से नौकरी खोजो। 5) स्कूल से काम की ओर बढ़ो और सीखते रहो, क्योंकि ज़िंदगी भर करियर बदलता है।
2. Student council
Organising and running the council · Cooperating in school events · Volunteer and community participation
- विद्यार्थी की भागीदारी: स्वशासी गतिविधियाँ – विद्यार्थी की भागीदारी (student agency) का मतलब है कि आप अपनी पढ़ाई और स्कूल के जीवन के फ़ैसलों में हिस्सा लेते हैं। स्वशासी गतिविधियों में विषय की खोज, साथियों के साथ तालमेल और समस्या-समाधान, कक्षा परिषद चलाना, कार्यक्रम बनाना और स्वयंसेवा आती हैं। शिक्षक राह दिखाते हैं, और विद्यार्थी फ़ैसला करते हैं और ज़िम्मेदारी लेते हैं।
- स्वयंसेवा: अपना समय देकर दुनिया बेहतर बनाना – स्वयंसेवा का अर्थ है अपनी मर्ज़ी से, बिना पैसे लिए, दूसरों या प्रकृति की मदद में अपना समय और हुनर देना। इसकी जड़ में परोपकार (दूसरों की भलाई की चिंता), मानवीय गरिमा (हर व्यक्ति सम्मान का हक़दार) और एकजुटता जैसे मूल्य हैं। इसके कई प्रकार हैं: लोगों की मदद, पर्यावरण, पशु कल्याण, संस्कृति और खेल, आपदा सहायता और ऑनलाइन सेवा। अच्छा प्रोजेक्ट एक चक्र अपनाता है: असली ज़रूरत पहचानो, प्रभावित लोगों के साथ योजना बनाओ, सुरक्षित काम करो, फिर सोचो और सुधारो। इससे समाज को भी लाभ होता है और स्वयंसेवक को भी: नए हुनर, दोस्त, आत्मविश्वास। यह नागरिक समाज में भाग लेने और स्थानीय फ़ैसलों पर असर डालने का एक तरीका है।
3. School events
Ceremonial events · Cultural events · Health, safety and sports events · Trips and group stays · Work, production and service events (incl. internships)
- स्कूल के समारोह: साल के बड़े पलों की पहचान – समारोह एक योजना से किया गया कार्यक्रम है, जो किसी ज़रूरी पल की पहचान कराता है। स्कूल में चार मुख्य समारोह होते हैं: नए बच्चों का प्रवेश समारोह, सत्र की शुरुआत, सत्र का अंत और दीक्षांत समारोह। ये हर चरण को साफ़ शुरुआत और अंत देते हैं और बच्चों को अपनापन महसूस कराते हैं।
- स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रम: उत्सव, संगीत और कला – सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चे मिलकर अपनी रचनात्मक चीज़ें दिखाते और आनंद लेते हैं। मुख्य प्रकार हैं: स्कूल उत्सव (स्टॉल, नाटक, प्रदर्शनी), गायन और संगीत कार्यक्रम, और कला प्रशंसा (कला देखना या प्रस्तुति देखकर उस पर सोचना)। इनसे आत्मविश्वास, टीमवर्क और अलग संस्कृतियों के प्रति आदर बढ़ता है।
- खेल दिवस, स्वास्थ्य जाँच और निकासी अभ्यास – स्कूल के स्वास्थ्य, सुरक्षा और खेल कार्यक्रम बच्चों को स्वस्थ और सुरक्षित रखते हैं। खेल दिवस से फिटनेस और टीमवर्क बढ़ता है। स्वास्थ्य जाँच में ऊँचाई, वज़न, आँख और दाँत देखे जाते हैं ताकि समस्या जल्दी पकड़ में आए। निकासी अभ्यास में इमारत से शांति से बाहर निकलना सीखते हैं; ज़्यादा निकास द्वार हों तो इमारत जल्दी खाली होती है।
- कार्य, उत्पादन और सेवा के कार्यक्रम: करके सीखना – कार्य, उत्पादन और सेवा के कार्यक्रमों में बच्चे असली काम करते हैं। वे किसी कार्यस्थल पर जाकर देखते हैं कि लोग कैसे काम करते हैं, समाज की सेवा करते हैं और सफ़ाई व बागवानी से स्कूल की देखभाल करते हैं। टीम में काम बाँटने से काम जल्दी होता है: समय = काम की संख्या / सहायकों की संख्या।