Italy Scuola secondaria di primo grado – classe 3ª History
अध्याय: 4
1. Using sources
Historical sources
- स्रोत विश्लेषण: इतिहासकार सबूत कैसे परखते हैं – स्रोत अतीत का कोई भी निशान है जिससे हमें सबूत मिलता है: चिट्ठी, सिक्का, इमारत, गीत, फ़ोटो या वीडियो। प्राथमिक स्रोत उसी समय के होते हैं जिसका अध्ययन हो रहा है; द्वितीयक स्रोत बाद के विवरण हैं, जैसे इतिहासकारों की किताबें। स्रोत परखने के लिए उसका उद्गम पूछो (किसने, कब, क्यों, किसके लिए बनाया), उसकी बातों को अपनी जानकारी से मिलाओ, पक्षपात ढूँढो, और तय करो कि वह तुम्हारे प्रश्न के लिए कितना विश्वसनीय और कितना उपयोगी है। इतिहासकार स्रोतों को एक-दूसरे से मिलाते हैं (पुष्टि) और अलग-अलग विद्वानों की व्याख्याएँ पढ़कर तर्कपूर्ण टिप्पणी या निबंध लिखते हैं।
2. Organising information
Organising historical knowledge
- काल विभाजन: इतिहासकार समय को कालों में कैसे बाँटते हैं – काल विभाजन का मतलब है समय की लंबी रेखा को नाम वाले कालों में काटना, ताकि पढ़ना आसान हो। वर्ष 1 से पहले के वर्ष ई.पू. (ईसा पूर्व) और बाद के ई. (ईसवी) गिने जाते हैं, और 100-100 वर्ष की शताब्दियों में बँटते हैं। एक आम ढाँचे में चार बड़े काल हैं: प्राचीन काल, मध्यकाल, प्रारंभिक आधुनिक काल और आधुनिक/समकालीन काल, जिन्हें 476, 1453 या 1492, और 1789 जैसे मोड़ अलग करते हैं। राजवंश, तकनीकी युग या क्षेत्रीय ढाँचे भी काम आते हैं। काल इतिहासकारों के चुने औज़ार हैं, प्रकृति के तथ्य नहीं।
3. Conceptual tools
Understanding historical processes
- ऐतिहासिक चिंतन: इतिहासकार कैसे काम करते हैं – इतिहास साक्ष्य के सहारे अतीत का अध्ययन है। घटनाओं को समय-रेखा पर क्रम से रखिए और उनके संदर्भ में पढ़िए। प्राथमिक स्रोत (उसी समय बने) और द्वितीयक स्रोत (बाद में बने) दोनों का उपयोग कीजिए। हर स्रोत को परखिए: किसने, कब, क्यों बनाया और क्या छूट गया। घटनाओं के कई कारण होते हैं: धीमे दीर्घकालिक कारण और एक तात्कालिक कारण। परिवर्तन और निरंतरता दोनों देखिए, महत्व तय कीजिए और साक्ष्य के साथ तर्क दीजिए।
4. Written and oral production
Presenting history
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