National Year 9 Religious Education and RSHE
अध्याय: 3
1. Relationships and sex education (secondary)
Families · Respectful relationships · Online safety and awareness · Being safe · Intimate and sexual relationships and sexual health
- रिश्ते और परिवार: प्रकार, विवाह और समानता – परिवार कई रूपों में होते हैं: एकल, संयुक्त, एकल-अभिभावक, मिश्रित और समलैंगिक माता-पिता वाले। उद्देश्य है देखभाल, बच्चों का पालन, मूल्य सिखाना और सुरक्षा। प्रतिबद्ध रिश्तों में विवाह, सिविल पार्टनरशिप और साथ रहना आते हैं; विवाह के लिए दोनों की स्वतंत्र सहमति और न्यूनतम उम्र ज़रूरी है, और ज़बरदस्ती या बाल विवाह कई देशों में अपराध है। विवाह-पूर्व संबंध, गर्भनिरोध, समलैंगिक विवाह, तलाक़ और पुनर्विवाह पर धर्मों की राय अलग है। लैंगिक समानता का मतलब है बराबर सम्मान और काम का उचित बँटवारा। नियंत्रण, डर या हिंसा वाला रिश्ता असुरक्षित है और मदद उपलब्ध है।
- स्वस्थ रिश्ते – स्वस्थ रिश्ता, चाहे परिवार, दोस्त या साथी से हो, सम्मान, भरोसे, ईमानदारी, बराबरी और खुली बातचीत पर टिका होता है। हर व्यक्ति के अपने दोस्त, फ़ैसले और सीमाएँ रहती हैं। नियंत्रण, नीचा दिखाना, दबाव, जलन और हिंसा ख़तरे के संकेत हैं। सहमति यानी अपनी मर्ज़ी से साफ़ "हाँ", जो कभी भी वापस ली जा सकती है। झगड़े स्वाभाविक हैं और शांति से सुलझ सकते हैं; असुरक्षित लगे तो किसी भरोसेमंद बड़े को बताएँ या हेल्पलाइन पर फ़ोन करें।
- डिजिटल पदचिह्न और नेट शिष्टाचार – डिजिटल पदचिह्न वह डेटा का निशान है जो हम ऑनलाइन छोड़ते हैं। सक्रिय पदचिह्न जान-बूझकर साझा होते हैं (पोस्ट, कमेंट, फ़ॉर्म); निष्क्रिय पदचिह्न हमारी जानकारी के बिना इकट्ठे होते हैं (कुकीज़, ब्राउज़िंग हिस्ट्री, लोकेशन, IP पता)। ये मिटाना कठिन है और बाद में दूसरे देख सकते हैं। हम डिजिटल समाज में रहते हैं जहाँ पढ़ाई, बैंकिंग, ख़रीदारी और सरकारी सेवाएँ ऑनलाइन हैं; इसका ज़िम्मेदार उपयोगकर्ता डिजिटल नागरिक (नेटिज़न) है। नेट शिष्टाचार: नैतिक (कॉपीराइट मानें, भरोसेमंद जानकारी), सम्मानजनक (निजता, विविधता, बुलिंग नहीं) और ज़िम्मेदार (ज़्यादा निजी बातें नहीं, ट्रोल को जवाब नहीं)। संचार शिष्टाचार: सटीक, विनम्र, विश्वसनीय; सोशल मीडिया शिष्टाचार: सोच-समझकर पासवर्ड और प्राइवेसी, अपलोड से पहले सोचें, साझा करने से पहले जाँचें।
- व्यक्तिगत सुरक्षा: शोषण, दुर्घटना और खतरे से खुद को बचाना – व्यक्तिगत सुरक्षा का मतलब है खतरे के संकेत पहचानना और सही कदम जानना। ग्रूमिंग और शोषण को जल्दी पहचानो, 'ना कहो, दूर जाओ, बताओ' नियम अपनाओ, भरोसेमंद बड़ों का घेरा बनाओ, आपात स्थिति में शांत रहकर 112 पर कॉल करो, और युद्ध या आपदा में लेट जाओ, आड़ लो और अनजान वस्तु कभी मत छुओ।
- यौन और प्रजनन स्वास्थ्य: हर किशोर के लिए ज़रूरी बातें – यौन स्वास्थ्य का मतलब है रिश्तों में सुरक्षित, सम्मानित और स्वस्थ रहना। सहमति (consent) एक साफ़, अपनी मर्ज़ी की 'हाँ' है जो कभी भी वापस ली जा सकती है; चुप्पी, दबाव, नशा या क़ानूनी उम्र से कम होना मतलब सहमति नहीं। गर्भनिरोध गर्भ ठहरने से रोकता है; लंबे चलने वाले तरीके (इम्प्लांट, IUD) सबसे असरदार हैं, और सिर्फ़ कंडोम यौन संचारित संक्रमण (STI) से भी बचाता है। STI अक्सर बिना लक्षण के फैलते हैं, इसलिए जाँच ज़रूरी है; ज़्यादातर का इलाज या नियंत्रण हो सकता है। गर्भ लगभग 40 सप्ताह का होता है; माहवारी रुकना अक्सर पहला संकेत है। विकल्प हैं: बच्चे को पालना, गोद देना या गर्भपात, और क़ानून हर देश में अलग है। डॉक्टर, नर्स और क्लिनिक से गोपनीय मदद मिलती है।
2. Health and wellbeing (secondary)
Mental wellbeing · Wellbeing online · Physical health, fitness and healthy eating · Drugs, alcohol, tobacco and vaping · Health protection and prevention · Personal safety and first aid · Developing bodies
- मानसिक स्वास्थ्य: भावनाएँ, तनाव और सहारा – मानसिक स्वास्थ्य यानी हम कैसे सोचते, महसूस करते, मुश्किलें सँभालते और दूसरों से जुड़ते हैं। शारीरिक स्वास्थ्य की तरह यह सबके पास है और ऊपर-नीचे होता है। भावनाएँ काम के संकेत हैं। तनाव बाल्टी में पानी की तरह जमा होता है; अच्छे तरीके (नींद, व्यायाम, बात करना, धीमी साँस, योजना) उसे बाहर निकालते हैं। आत्म-सम्मान और अच्छे रिश्ते हमें बचाते हैं। अगर भारी भावनाएँ दो हफ़्ते या ज़्यादा रहें, या रोज़ का जीवन रुकने लगे, तो भरोसेमंद बड़े या विशेषज्ञ से बात करें — मदद माँगना हिम्मत है।
- डिजिटल पदचिह्न और नेट शिष्टाचार – डिजिटल पदचिह्न वह डेटा का निशान है जो हम ऑनलाइन छोड़ते हैं। सक्रिय पदचिह्न जान-बूझकर साझा होते हैं (पोस्ट, कमेंट, फ़ॉर्म); निष्क्रिय पदचिह्न हमारी जानकारी के बिना इकट्ठे होते हैं (कुकीज़, ब्राउज़िंग हिस्ट्री, लोकेशन, IP पता)। ये मिटाना कठिन है और बाद में दूसरे देख सकते हैं। हम डिजिटल समाज में रहते हैं जहाँ पढ़ाई, बैंकिंग, ख़रीदारी और सरकारी सेवाएँ ऑनलाइन हैं; इसका ज़िम्मेदार उपयोगकर्ता डिजिटल नागरिक (नेटिज़न) है। नेट शिष्टाचार: नैतिक (कॉपीराइट मानें, भरोसेमंद जानकारी), सम्मानजनक (निजता, विविधता, बुलिंग नहीं) और ज़िम्मेदार (ज़्यादा निजी बातें नहीं, ट्रोल को जवाब नहीं)। संचार शिष्टाचार: सटीक, विनम्र, विश्वसनीय; सोशल मीडिया शिष्टाचार: सोच-समझकर पासवर्ड और प्राइवेसी, अपलोड से पहले सोचें, साझा करने से पहले जाँचें।
- स्वस्थ जीवनशैली: रोज़ की आदतें जो तुम्हें ठीक रखें – स्वस्थ जीवनशैली रोज़ की अच्छी आदतों का नाम है: पाँच भोजन-समूहों वाला संतुलित आहार, भरपूर पानी, स्कूली बच्चों के लिए 9–11 घंटे और किशोरों के लिए लगभग 8–10 घंटे नींद, रोज़ कम से कम 60 मिनट खेल-कूद, सही मुद्रा, साफ-सुरक्षित भोजन, और तंबाकू, शराब व नशे से दूरी। इनसे टाइप 2 मधुमेह, हृदय रोग और कुछ कैंसर जैसे जीवनशैली रोगों का खतरा घटता है।
- लत: कैसे शुरू होती है और कैसे बचें – लत (addiction) यानी किसी पदार्थ या आदत पर नियंत्रण खो देना, नुकसान होने पर भी। यह पदार्थों (तंबाकू, शराब, ड्रग्स, ग़लत दवाएँ) की हो सकती है या व्यवहार (गेमिंग, जुआ, सोशल मीडिया) की। हर बार दिमाग़ में डोपामिन की उछाल उसे काम दोहराना सिखाती है; समय के साथ सहनशीलता बढ़ती है और ज़्यादा चाहिए होता है। चेतावनी संकेत: तलब, नियंत्रण खोना, मजबूरी और नुकसान के बाद भी जारी रखना। बचाव: 'ना' कहने का हुनर, अच्छे इनाम, नींद-दिनचर्या और जल्दी मदद माँगना। लत का इलाज संभव है।
- स्वास्थ्य और रोग – स्वास्थ्य का मतलब है शरीर, मन और सामाजिक जीवन तीनों में पूरी तरह ठीक होना, केवल बीमार न होना नहीं। संक्रामक रोग रोगाणुओं (जीवाणु, विषाणु, कवक, प्रोटिस्ट) से होते हैं और हवा, पानी, भोजन, छूने या जानवरों से एक से दूसरे में फैलते हैं। हृदय रोग, मधुमेह, कई कैंसर और उच्च रक्तचाप जैसे असंक्रामक रोग नहीं फैलते; ये जीन, उम्र और जीवनशैली से जुड़े हैं। बचाव: स्वच्छता, साफ़ पानी, टीके, संतुलित आहार, व्यायाम, नींद, धूम्रपान से दूरी, नियमित जाँच और स्व-जाँच। एंटीबायोटिक जीवाणु मारते हैं, विषाणु नहीं; इनके ग़लत उपयोग से प्रतिरोधी जीवाणु पनपते हैं। दवा पर्चे या डॉक्टर के कहे अनुसार ही लें।
- व्यक्तिगत सुरक्षा: शोषण, दुर्घटना और खतरे से खुद को बचाना – व्यक्तिगत सुरक्षा का मतलब है खतरे के संकेत पहचानना और सही कदम जानना। ग्रूमिंग और शोषण को जल्दी पहचानो, 'ना कहो, दूर जाओ, बताओ' नियम अपनाओ, भरोसेमंद बड़ों का घेरा बनाओ, आपात स्थिति में शांत रहकर 112 पर कॉल करो, और युद्ध या आपदा में लेट जाओ, आड़ लो और अनजान वस्तु कभी मत छुओ।
- यौवनारंभ और किशोरावस्था: शरीर और मन कैसे बड़े होते हैं – किशोरावस्था (adolescence) बचपन और बड़े होने के बीच का समय है, लगभग 10 से 19 साल। इसका वह हिस्सा जब शरीर बच्चे पैदा करने लायक बनता है, यौवनारंभ (puberty) कहलाता है। यह हॉर्मोन से शुरू होता है: दिमाग़ की पीयूष ग्रंथि संदेश भेजती है, और अंडाशय एस्ट्रोजन व वृषण टेस्टोस्टेरोन बनाते हैं। लंबाई तेज़ी से बढ़ती है, नए बाल आते हैं, पसीना और मुँहासे होते हैं; लड़कियों में स्तन और माहवारी, लड़कों में भारी आवाज़ और दाढ़ी-मूँछ। हर किसी का समय अलग होता है, और यह सब सामान्य है।
3. Religious education (locally agreed syllabus)
RE in a locally agreed syllabus
जल्द आ रहा है