China 九年级(初三) Arts: Dance
अध्याय: 8
1. Sem.1 U1 Extending the body
Dance props; dancing with objects
- नृत्य के प्रॉप: वस्तुओं के साथ नृत्य – प्रॉप वह वस्तु है जो नर्तक हाथ में पकड़ता या पहनता है। रिबन, पंखा और लंबी आस्तीन हाथ को बढ़ा देते हैं, इसलिए गति दूर तक जाती है और हवा में रेखाएँ बनाती है। शरीर आगे चलता है, प्रॉप पीछे आता है। वस्तुओं के साथ तात्कालिक रचना का मतलब है सुरक्षित रूप से कई गतियाँ खोजना और फिर सबसे अच्छी चुनना।
2. Sem.1 U2 Dance and aspiration
Dances of integrity, ambition, dreams
- आदर्शों के नृत्य: ईमानदारी, महत्वाकांक्षा और सपने – आदर्श वह बड़ा विचार है जो हमें प्रिय होता है, जैसे ईमानदारी, ऊँचा लक्ष्य या सपना। उसे छुआ नहीं जा सकता, इसलिए नर्तक उसे आकार और गति में बदलते हैं। ईमानदारी एक सीधी, स्थिर रेखा बनती है जो धक्का लगने पर भी नहीं झुकती। महत्वाकांक्षा ऊपर चढ़ते कदम और ऊपर पहुँचता शरीर बनती है। सपना धीमी, कोमल, तैरती चाल और दूर देखती आँखें बनता है। नर्तक एक आदर्श चुनता है, उसके लिए कुछ साफ़ चालें ढूँढता है और उन्हें दोहराता है ताकि दर्शक समझ सकें।
3. Sem.1 U3 Body memory
Tradition and era in dance
- नृत्य में परंपरा और युग – नृत्य शरीर में स्मृति लेकर चलता है। परंपरागत प्रतीक चाल वह छोटी चाल या पैटर्न है जिसे परिवार और समुदाय बरसों से दोहराते आए हैं, जैसे बाँह का गोल घुमाव, खास हस्त-मुद्रा या नर्तकों का घेरा। हर युग में लोगों के जीने का तरीका नृत्य बदलता है। खेती के जीवन ने गोल, मिट्टी जैसी चालें दीं। कारखाने के जीवन ने तीखी, गिनती वाली चालें दीं। आज की चालें तेज़ और उछलती हैं। प्रतीक चाल वही रह सकती है और शैली बदल सकती है; इसी तरह परंपरा और नया समय मिलते हैं।
4. Sem.1 U4 Movement code
Geometry of movement; centre of gravity
- गति की ज्यामिति और गुरुत्व केंद्र – नर्तक शरीर से हवा में चित्र बनाता है। सीधी, तिरछी और गोल रेखाएँ तथा त्रिभुज और वृत्त जैसे आकार नृत्य को देखने में साफ़ बनाते हैं। सीधे खड़े रहने के लिए नर्तक गुरुत्व केंद्र को सँभालता है, यानी वह बिंदु जहाँ शरीर का वज़न मानो जमा है। जब इस बिंदु से सीधी नीचे गिरती रेखा आधार (सहारा देने वाले पैरों के बीच की जगह) के अंदर गिरे, तब शरीर संतुलित है। चौड़ा आधार अधिक स्थिर होता है। झुकने से बिंदु बगल में खिसकता है और उलटी ओर फैली बाँह उसे वापस खींचती है।
5. Sem.2 U1 Dancing together
Duets; call and response
- युगल नृत्य: साझेदारी, पुकार और उत्तर – युगल नृत्य दो लोगों का नृत्य है। दोनों नर्तक साझेदार हैं, इसलिए उन्हें देखना, सुनना और भरोसा करना होता है। पुकार-उत्तर में एक नर्तक छोटा वाक्यांश दिखाता है (पुकार) और दूसरा थोड़ी देर बाद उसे दोहराता या उसका जवाब देता है (उत्तर या प्रतिध्वनि)। साझेदारी के काम में वे अगुआई और अनुसरण करते हैं, एक-दूसरे की नक़ल करते हैं या एक-दूसरे पर झुककर वज़न बाँटते हैं। अच्छा युगल नृत्य बिना शब्दों की बातचीत जैसा लगता है।
6. Sem.2 U2 Spirit of China in dance
Yellow River; strong youth
- नदी नृत्य और समूह नृत्य-रचना – देशभक्ति का नृत्य अपनी मातृभूमि, उसके लोगों और इतिहास के प्रति प्रेम और गर्व दिखाता है। नृत्य-रचनाकार अक्सर एक ताक़तवर प्रतीक चुनते हैं, जैसे कभी न रुकने वाली बड़ी नदी, जो राष्ट्र और उसके युवाओं की शक्ति को दर्शाती है। समूह नृत्य को योजना चाहिए: आकार (पंक्ति, तीर, घेरा), एकसाथ (सब साथ, ताक़त के लिए) और कैनन (नर्तक से नर्तक तक जाती लहर, बहाव के लिए)। अभ्यास, ताल और टीमवर्क समूह को एक शरीर जैसा बना देते हैं।
7. Sem.2 U3 Symbols of beauty
Truth, goodness, beauty; significant form
- नृत्य में सत्य, भलाई और सुंदरता: सार्थक रूप – नृत्य का सौंदर्यशास्त्र यह पूछता है कि कोई नृत्य हमें क्यों छू जाता है। हर नृत्य का एक रूप होता है: आकृतियाँ, रेखाएँ, लय और पैटर्न। जब रूप में सच्चा भाव भर जाए तब वह सार्थक (अर्थपूर्ण) बनता है। परखने के लिए तीन पुराने विचार हैं। सत्य यानी सच्चा भाव, बनावट नहीं। भलाई यानी अच्छा, सहानुभूति भरा संदेश। सुंदरता यानी संतुलित और मनभावन रूप। जब ये तीनों एक साफ़ रूप में मिलते हैं तो उसे सार्थक रूप कहते हैं।
8. Sem.2 U4 Dance of the future
Dance on screen; crossing boundaries
- पर्दे पर नृत्य: डांस फ़िल्म और कलाओं का मेल – डांस फ़िल्म वह नृत्य है जो कैमरे के लिए बनाया गया हो। कैमरे का फ़्रेम तय करता है कि दर्शक क्या देखेगा। क्लोज़-अप में चेहरा या हाथ जैसी छोटी बातें दिखती हैं। संपादन (एडिटिंग) में क्लिप जोड़ी जाती हैं, इसलिए दृश्य दूर से पास और पास से दूर कूद सकता है। नृत्य थिएटर से बाहर निकलकर गली या समुद्र तट पर भी फ़िल्माया जा सकता है। कलाओं के मेल वाला नृत्य संगीत, चित्रकला और तकनीक जैसे दूसरे क्षेत्रों से जुड़कर कुछ नया बनाता है।