Ontario Grade 11 BMX3E Marketing: Retail and Service (Grade 11, Workplace Preparation)
अध्याय: 4
1. The Marketing Plan
1 The Process · 2 The Development · 3 The Analysis
- माँग, पूर्ति और बाज़ार संतुलन – माँग का नियम कहता है कि कीमत बढ़ने पर खरीदार कम चाहते हैं; पूर्ति का नियम कहता है कि विक्रेता ज़्यादा लाते हैं। बाज़ार कीमत संतुलन पर टिकती है, जहाँ माँगी गई मात्रा = पूर्ति की गई मात्रा, और माँग या पूर्ति के खिसकने से यह बदलती है। कुछ वस्तुएँ सामान्य नियम तोड़ती हैं (गिफ़ेन, वेब्लेन, घबराहट में खरीद)। संतुलन से नीचे तय अधिकतम कीमत कमी पैदा करती है। बाज़ार विफल भी हो सकता है, जैसे प्रदूषण या स्ट्रीट लाइट जैसी सार्वजनिक वस्तुओं में, तब सरकार आगे आती है।
2. Marketing Fundamentals
1 The Marketing Mix · 2 Consumers · 3 Competition · 4 The Buying and Selling Processes
- विपणन प्रबंध – विपणन का मतलब है ख़रीदारों की ज़रूरत पहचानना और मूल्य के बदले, लाभ के साथ, उसे पूरा करना। इसके कई कार्य हैं (अनुसंधान, योजना, ब्रांड, लेबल, पैकेजिंग, कीमत, संवर्धन, वितरण, सेवा) और पाँच विचारधाराएँ (उत्पादन, उत्पाद, विक्रय, विपणन, सामाजिक विपणन)। विपणन मिश्र 4P है: उत्पाद (ब्रांड, लेबल, पैकेजिंग के साथ), कीमत (लागत, माँग, प्रतियोगिता, सरकारी नियम, उद्देश्य और विपणन तरीकों से तय), स्थान (माध्यम और भौतिक वितरण) और संवर्धन (विज्ञापन, व्यक्तिगत विक्रय, विक्रय संवर्धन, जनसंपर्क)।
- माँग, पूर्ति और बाज़ार संतुलन – माँग का नियम कहता है कि कीमत बढ़ने पर खरीदार कम चाहते हैं; पूर्ति का नियम कहता है कि विक्रेता ज़्यादा लाते हैं। बाज़ार कीमत संतुलन पर टिकती है, जहाँ माँगी गई मात्रा = पूर्ति की गई मात्रा, और माँग या पूर्ति के खिसकने से यह बदलती है। कुछ वस्तुएँ सामान्य नियम तोड़ती हैं (गिफ़ेन, वेब्लेन, घबराहट में खरीद)। संतुलन से नीचे तय अधिकतम कीमत कमी पैदा करती है। बाज़ार विफल भी हो सकता है, जैसे प्रदूषण या स्ट्रीट लाइट जैसी सार्वजनिक वस्तुओं में, तब सरकार आगे आती है।
3. Trends in Retail and Service Marketing
1 Information Technology · 2 Types of Business · 3 Issues, Ethics, and the Environment · 4 Global Trends
- माँग, पूर्ति और बाज़ार संतुलन – माँग का नियम कहता है कि कीमत बढ़ने पर खरीदार कम चाहते हैं; पूर्ति का नियम कहता है कि विक्रेता ज़्यादा लाते हैं। बाज़ार कीमत संतुलन पर टिकती है, जहाँ माँगी गई मात्रा = पूर्ति की गई मात्रा, और माँग या पूर्ति के खिसकने से यह बदलती है। कुछ वस्तुएँ सामान्य नियम तोड़ती हैं (गिफ़ेन, वेब्लेन, घबराहट में खरीद)। संतुलन से नीचे तय अधिकतम कीमत कमी पैदा करती है। बाज़ार विफल भी हो सकता है, जैसे प्रदूषण या स्ट्रीट लाइट जैसी सार्वजनिक वस्तुओं में, तब सरकार आगे आती है।
- नीतिशास्त्र: कैसे तय करें कि क्या सही है – नीतिशास्त्र (नैतिक दर्शन) पूछता है कि हमें क्या करना चाहिए और क्यों। ईमानदारी, दया, न्याय और सम्मान जैसे मूल्य चुनाव में राह दिखाते हैं। तीन मुख्य सिद्धांत: परिणाम (उपयोगितावाद, बेंथम और मिल: ज़्यादा से ज़्यादा लोगों का ज़्यादा भला), कर्तव्य (कांट: ऐसा नियम अपनाओ जो सब अपना सकें; लोगों को साध्य मानो, सिर्फ़ साधन नहीं) और सद्गुण (अरस्तू: अच्छा चरित्र बनाओ; सद्गुण दो अतियों का मध्य है)। अंतरात्मा सही-ग़लत की भीतरी समझ है। स्वतंत्रता ज़िम्मेदारी लाती है। अधिनीतिशास्त्र पूछता है "अच्छा" का अर्थ क्या है और मूल्य सार्वभौमिक हैं या सापेक्ष। व्यावहारिक नीतिशास्त्र पर्यावरण, पशु, काम, मित्रता और शांति पर लागू होता है।
4. Retail and Service Operations
1 Inventory Control Methods · 2 Merchandise and Service Presentation · 3 Human Resources in Retailing and Service
- खुदरा और सेवा संचालन: स्टॉक, प्रदर्शन और कर्मचारी – दुकान या सेवा व्यवसाय चार चीज़ों पर चलता है: सही सामान (वस्तुओं के वर्ग), ऐसा लेआउट और प्रदर्शन जो ग्राहक को रास्ता दिखाए और खींचे, स्टॉक नियंत्रण ताकि सामान न ख़त्म हो न ढेर लगे, और व्यवस्थित, उचित वेतन वाली, सुरक्षित व विविध टीम। पुनः-ऑर्डर स्तर बताता है कब ऑर्डर देना है: रोज़ की बिक्री × डिलीवरी के दिन + सुरक्षा स्टॉक।