Ontario Grade 10 HNL2O Clothing (Grade 10, Open)
अध्याय: 4
1. A. Research and Inquiry Skills
A1 Exploring · A2 Investigating · A3 Processing Information · A4 Communicating and Reflecting
- वस्त्र: हम कपड़े क्यों पहनते हैं, वे किससे बनते हैं और कैसे चुनें – कपड़े हमें धूप, बारिश और ठंड से बचाते हैं, शालीनता देते हैं, पहचान दिखाते हैं (वर्दी, साड़ी या कोरिया का हानबोक जैसी पारंपरिक पोशाक) और हमें अपनी पसंद दिखाने देते हैं। ये रेशों से बनते हैं: पौधों से (सूती, लिनन) और जानवरों से (ऊन, रेशम) मिलने वाले प्राकृतिक रेशे, और पेट्रोलियम से बने कृत्रिम रेशे (पॉलिएस्टर, नायलॉन)। रेशों को कातकर धागा बनता है, और धागे से बुनाई (ऊपर-नीचे) या निटिंग (फंदे) से कपड़ा। डिज़ाइन में रेखा, रंग, आकार और बनावट होती है। समझदार ख़रीदार वॉर्डरोब की योजना बनाता है, फ़िटिंग, क्वालिटी और केयर लेबल देखता है, दुकानों की तुलना करता है, प्रति पहनावा लागत निकालता है, और टिकाऊ विकल्प चुनता है: कम ख़रीदो, मरम्मत करो, अदला-बदली करो, रीसायकल करो।
2. B. Influences on Clothing Choices
B1 The Functions and Social Impact of Clothing · B2 Wardrobe Planning and Clothing Selection
- वस्त्र: हम कपड़े क्यों पहनते हैं, वे किससे बनते हैं और कैसे चुनें – कपड़े हमें धूप, बारिश और ठंड से बचाते हैं, शालीनता देते हैं, पहचान दिखाते हैं (वर्दी, साड़ी या कोरिया का हानबोक जैसी पारंपरिक पोशाक) और हमें अपनी पसंद दिखाने देते हैं। ये रेशों से बनते हैं: पौधों से (सूती, लिनन) और जानवरों से (ऊन, रेशम) मिलने वाले प्राकृतिक रेशे, और पेट्रोलियम से बने कृत्रिम रेशे (पॉलिएस्टर, नायलॉन)। रेशों को कातकर धागा बनता है, और धागे से बुनाई (ऊपर-नीचे) या निटिंग (फंदे) से कपड़ा। डिज़ाइन में रेखा, रंग, आकार और बनावट होती है। समझदार ख़रीदार वॉर्डरोब की योजना बनाता है, फ़िटिंग, क्वालिटी और केयर लेबल देखता है, दुकानों की तुलना करता है, प्रति पहनावा लागत निकालता है, और टिकाऊ विकल्प चुनता है: कम ख़रीदो, मरम्मत करो, अदला-बदली करो, रीसायकल करो।
3. C. Making Knowledgeable Decisions
C1 Evaluating Clothing · C2 Retail Approaches · C3 Fibres and Fabric Care
- वस्त्र: हम कपड़े क्यों पहनते हैं, वे किससे बनते हैं और कैसे चुनें – कपड़े हमें धूप, बारिश और ठंड से बचाते हैं, शालीनता देते हैं, पहचान दिखाते हैं (वर्दी, साड़ी या कोरिया का हानबोक जैसी पारंपरिक पोशाक) और हमें अपनी पसंद दिखाने देते हैं। ये रेशों से बनते हैं: पौधों से (सूती, लिनन) और जानवरों से (ऊन, रेशम) मिलने वाले प्राकृतिक रेशे, और पेट्रोलियम से बने कृत्रिम रेशे (पॉलिएस्टर, नायलॉन)। रेशों को कातकर धागा बनता है, और धागे से बुनाई (ऊपर-नीचे) या निटिंग (फंदे) से कपड़ा। डिज़ाइन में रेखा, रंग, आकार और बनावट होती है। समझदार ख़रीदार वॉर्डरोब की योजना बनाता है, फ़िटिंग, क्वालिटी और केयर लेबल देखता है, दुकानों की तुलना करता है, प्रति पहनावा लागत निकालता है, और टिकाऊ विकल्प चुनता है: कम ख़रीदो, मरम्मत करो, अदला-बदली करो, रीसायकल करो।
4. D. Design and Clothing Construction Skills
D1 Elements of Design · D2 Tools and Technologies · D3 Procedures, Skills, and Techniques
- वस्त्र: हम कपड़े क्यों पहनते हैं, वे किससे बनते हैं और कैसे चुनें – कपड़े हमें धूप, बारिश और ठंड से बचाते हैं, शालीनता देते हैं, पहचान दिखाते हैं (वर्दी, साड़ी या कोरिया का हानबोक जैसी पारंपरिक पोशाक) और हमें अपनी पसंद दिखाने देते हैं। ये रेशों से बनते हैं: पौधों से (सूती, लिनन) और जानवरों से (ऊन, रेशम) मिलने वाले प्राकृतिक रेशे, और पेट्रोलियम से बने कृत्रिम रेशे (पॉलिएस्टर, नायलॉन)। रेशों को कातकर धागा बनता है, और धागे से बुनाई (ऊपर-नीचे) या निटिंग (फंदे) से कपड़ा। डिज़ाइन में रेखा, रंग, आकार और बनावट होती है। समझदार ख़रीदार वॉर्डरोब की योजना बनाता है, फ़िटिंग, क्वालिटी और केयर लेबल देखता है, दुकानों की तुलना करता है, प्रति पहनावा लागत निकालता है, और टिकाऊ विकल्प चुनता है: कम ख़रीदो, मरम्मत करो, अदला-बदली करो, रीसायकल करो।