Ontario Grade 10 ALC2O Integrated Arts (Grade 10, Open)
अध्याय: 3
1. A. Creating and Presenting
A1 The Creative Process · A2 Elements and Principles · A3 Tools, Techniques, and Technologies · A4 Presentation and Promotion
- कला के तत्व और डिज़ाइन के सिद्धांत – कला के तत्व वे ईंटें हैं जिनसे हर कलाकृति बनती है: रेखा, आकार, रूप, रंग, मान (हल्का-गहरा), बनावट और स्थान; कई शिक्षक बिंदु को भी जोड़ते हैं। डिज़ाइन के सिद्धांत बताते हैं कि इन ईंटों को कैसे जमाएँ: संतुलन, विरोधाभास (कंट्रास्ट), बल (एम्फ़ेसिस), गति, लय और पैटर्न, अनुपात और पैमाना, एकता और विविधता।
2. B. Reflecting, Responding, and Analysing
B1 The Critical Analysis Process · B2 The Function of the Arts in Society · B3 Values and Identity · B4 Connections Beyond the Classroom
- कला के तत्व और डिज़ाइन के सिद्धांत – कला के तत्व वे ईंटें हैं जिनसे हर कलाकृति बनती है: रेखा, आकार, रूप, रंग, मान (हल्का-गहरा), बनावट और स्थान; कई शिक्षक बिंदु को भी जोड़ते हैं। डिज़ाइन के सिद्धांत बताते हैं कि इन ईंटों को कैसे जमाएँ: संतुलन, विरोधाभास (कंट्रास्ट), बल (एम्फ़ेसिस), गति, लय और पैटर्न, अनुपात और पैमाना, एकता और विविधता।
- कला और समाज: कला हमारी दुनिया को कैसे गढ़ती है – कला सिर्फ़ दीवार पर टाँगने की चीज़ नहीं है। यह भावनाओं की भाषा है, जिससे लोग वह कहते हैं जो शब्दों में नहीं कहा जाता। कला निजी हो सकती है, यानी एक व्यक्ति का नज़रिया, या सामूहिक, यानी समूह द्वारा और समूह के लिए, जो भित्तिचित्रों, लोक कला, गीतों और त्योहारों के ज़रिए समुदाय की याद और पहचान लेकर चलती है। कला समस्याओं की ओर इशारा करके बदलाव ला सकती है, इसीलिए उस पर अक्सर रोक (सेंसरशिप) लगी है; अभिव्यक्ति की आज़ादी और उसकी सीमाओं पर आज भी बहस होती है। कला यह भी दिखाती है कि ताकत किसके पास है: कला कौन बनाता है, किसे दिखाया जाता है, और रूढ़ छवियाँ दोहराई जाती हैं या तोड़ी जाती हैं। आखिर में, कला हर क्षेत्र से जुड़ी है: विज्ञान, तकनीक, संगीत, नृत्य और शहर नियोजन तक। किसी कृति को समझने के लिए पूछो: किसने बनाई, किसके लिए, क्यों, और उसने क्या बदला?
3. C. Foundations
C1 Terminology · C2 Contexts and Influences · C3 Conventions and Responsible Practices
- कला और समाज: कला हमारी दुनिया को कैसे गढ़ती है – कला सिर्फ़ दीवार पर टाँगने की चीज़ नहीं है। यह भावनाओं की भाषा है, जिससे लोग वह कहते हैं जो शब्दों में नहीं कहा जाता। कला निजी हो सकती है, यानी एक व्यक्ति का नज़रिया, या सामूहिक, यानी समूह द्वारा और समूह के लिए, जो भित्तिचित्रों, लोक कला, गीतों और त्योहारों के ज़रिए समुदाय की याद और पहचान लेकर चलती है। कला समस्याओं की ओर इशारा करके बदलाव ला सकती है, इसीलिए उस पर अक्सर रोक (सेंसरशिप) लगी है; अभिव्यक्ति की आज़ादी और उसकी सीमाओं पर आज भी बहस होती है। कला यह भी दिखाती है कि ताकत किसके पास है: कला कौन बनाता है, किसे दिखाया जाता है, और रूढ़ छवियाँ दोहराई जाती हैं या तोड़ी जाती हैं। आखिर में, कला हर क्षेत्र से जुड़ी है: विज्ञान, तकनीक, संगीत, नृत्य और शहर नियोजन तक। किसी कृति को समझने के लिए पूछो: किसने बनाई, किसके लिए, क्यों, और उसने क्या बदला?
- मानवशास्त्र और संस्कृति – मानवशास्त्र (anthropology) इंसान का पूरा अध्ययन है: हमारा शरीर, हमारा अतीत, हमारी भाषाएँ और जीने का ढंग। संस्कृति किसी समूह का सीखा हुआ और साझा जीवन-ढंग है: लोग क्या बनाते, करते, बोलते और मानते हैं। संस्कृति सीखी जाती है, साझा होती है, प्रतीकों से भरी होती है, आपस में जुड़ी होती है और बदलती रहती है। मानवशास्त्री लोगों के साथ रहकर (सहभागी अवलोकन) इसे समझते हैं, और हर संस्कृति को उसकी अपनी नज़र से देखने की कोशिश करते हैं (सांस्कृतिक सापेक्षवाद), अपनी संस्कृति के पैमाने से नहीं (नृजातीय-केंद्रवाद)।
- कला के तत्व और डिज़ाइन के सिद्धांत – कला के तत्व वे ईंटें हैं जिनसे हर कलाकृति बनती है: रेखा, आकार, रूप, रंग, मान (हल्का-गहरा), बनावट और स्थान; कई शिक्षक बिंदु को भी जोड़ते हैं। डिज़ाइन के सिद्धांत बताते हैं कि इन ईंटों को कैसे जमाएँ: संतुलन, विरोधाभास (कंट्रास्ट), बल (एम्फ़ेसिस), गति, लय और पैटर्न, अनुपात और पैमाना, एकता और विविधता।